Ad DesktopAd TabletAd Mobile
राज्य कृषि समाचार (State News)

पंजाब में जागरूकता शिविर आयोजित: वैज्ञानिकों ने बताया DSR से चावल की खेती में कम लागत और जल बचत का तरीका

28 जून 2025, होशियारपुर: पंजाब में जागरूकता शिविर आयोजित: वैज्ञानिकों ने बताया DSR से चावल की खेती में कम लागत और जल बचत का तरीका – पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी, लुधियाना के निदेशक विस्तार शिक्षा के तत्वावधान में फार्म एडवाइजरी सर्विस सेंटर (गंगियां), होशियारपुर द्वारा ब्लॉक हाजीपुर के गांव सहोरा कांडी में मंगलवार को “डायरेक्ट सीडेड राइस (DSR)/ बासमती चावल को बढ़ावा देने” के लिए जागरूकता शिविर सह प्रदर्शन का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर प्रिंसिपल एक्सटेंशन साइंटिस्ट (एग्रोनॉमी) डॉ. चरणजीत कौर ने किसानों का स्वागत करते हुए DSR तकनीक के फायदे समझाए। उन्होंने बताया कि यह विधि परंपरागत धान रोपाई की तुलना में कम सिंचाई जल और श्रम की मांग करती है, जिससे कृषि लागत घटती है और पर्यावरण की भी रक्षा होती है। साथ ही, उन्होंने कहा कि DSR तकनीक से सिंचाई जल की बचत के साथ-साथ मजदूरी लागत में भी कमी आती है।

नोवलेक्ट 12 EC खरपतवारनाशक का प्रदर्शन

डॉ. कौर ने बताया कि गांव के कई किसान पहले से DSR अपना रहे हैं। इसी सिलसिले में उन्होंने अन्य किसानों को भी इसे अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया। इसके अलावा, प्रशिक्षण शिविर में किसानों को खरपतवार नियंत्रण के लिए नई अनुशंसित खरपतवारनाशी दवा “नोवलेक्ट 12 EC” के उपयोग की जानकारी दी गई और इसके प्रदर्शन हेतु नमूने भी वितरित किए गए।

Ad DesktopAd TabletAd Mobile
Ad DesktopAd TabletAd Mobile

इस दौरान गिनी घास और अन्य फसली समस्याओं से जुड़ी किसानों की शंकाओं का समाधान भी किया गया। कार्यक्रम के अंत में डॉ. कौर ने किसानों से अपील की कि किसी भी दवा या बीज खरीदने से पहले कृषि वैज्ञानिकों से मार्गदर्शन जरूर लें और PAU के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से जुड़े रहें।

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें
खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर
चैनल फॉलो करें

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्राम, व्हाट्सएप्प)

(कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें)

कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.krishakjagat.org/kj_epaper/

कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.global-agriculture.com