Ad DesktopAd TabletAd Mobile
राज्य कृषि समाचार (State News)

ई-विकास पोर्टल से ही उर्वरक उठाव करने की अपील

22 अप्रैल 2026, छिंदवाड़ा: ई-विकास पोर्टल से ही उर्वरक उठाव करने की अपील – जिले में वर्तमान में समस्त प्रकार के उर्वरकों का पर्याप्त भण्डारण उपलब्ध है। कृषकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए प्रशासन द्वारा ई-विकास पोर्टल के माध्यम से ही उर्वरक उठाव करने की अपील की गई है। साथ ही जिला स्तर एवं विकासखण्ड स्तर पर कंट्रोल रूम का गठन किया गया है, ताकि किसानों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा सके।

 उर्वरक वितरण व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए निजी विक्रेता, समितियां, मार्कफेड, मार्केटिंग सोसायटी तथा एम.पी. एग्रो केन्द्रों पर निःशुल्क ई-टोकन पंजीयन की व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है। यदि किसी किसान को किसी प्रकार की समस्या आती है, तो वे कृषि विभाग कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।

जिले में वर्तमान समय में लगभग 92 हजार  मीट्रिक  टन उर्वरक उपलब्ध है, जो खरीफ सीजन की कुल आवश्यकता का लगभग 50 प्रतिशत है। हालांकि, किसानों द्वारा उर्वरक का उठाव धीमी गति से किया जा रहा है, जिसके चलते भविष्य में उर्वरक रेक के भण्डारण में समस्या उत्पन्न होने की संभावना जताई गई है।

Ad DesktopAd TabletAd Mobile
Ad DesktopAd TabletAd Mobile

उर्वरकों का विक्रय ई-विकास प्रणाली के माध्यम से किया जा रहा है, लेकिन किसानों के बीच इस प्रणाली को लेकर कुछ भ्रम की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ई-विकास पोर्टल में किसानों के क्षेत्रफल एवं प्रस्तावित फसल के अनुसार वैज्ञानिक अनुशंसा के आधार पर उर्वरक की मात्रा निर्धारित की जाती है। वर्तमान में किसानों को निर्धारित मात्रा का आधा उर्वरक खरीदने की अनुमति दी गई है।

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें
खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर
चैनल फॉलो करें

किसानों से अपील की गई है कि वे असुविधा से बचने के लिए तत्काल आधी मात्रा का उठाव करें तथा शेष उर्वरक आगामी माह में खरीद सकते हैं। शासन स्तर पर यह स्पष्ट किया गया है कि जिले में उर्वरक की कोई कमी नहीं है, लेकिन अग्रिम उठाव केवल ई-विकास प्रणाली के माध्यम से ही किया जाएगा। जिले में उपलब्ध उर्वरकों में 43 हजार  मीट्रिक  टन यूरिया, एन.पी.के. एवं डी.ए.पी. 25 हजार  मीट्रिक  टन, पोटाश 5200  मीट्रिक  टन तथा सिंगल सुपर फास्फेट 19 हजार  मीट्रिक  टन शामिल हैं।

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture