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राज्य कृषि समाचार (State News)

इंदौर जिले के 7 हजार किसानों के बैंक खातों में 15 करोड़ 54 लाख  की राशि अंतरित

14 नवंबर 2025, इंदौर: इंदौर जिले के 7 हजार किसानों के बैंक खातों में 15 करोड़ 54 लाख  की राशि अंतरित – आज गुरूवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देवास में आयोजित कार्यक्रम में एक लाख 33 हजार किसानों के बैंक खातों में 2.33 करोड़ रुपये की राशि का अंतरण करके की। इसमें इंदौर जिले के 7 हजार किसानों के बैंक खातों में 15 करोड़  54 लाख रुपये की राशि अंतरित की गई। मंत्री श्री सिलावट आज दोपहर को इंदौर जिले की लक्ष्मीबाई नगर मंडी प्रांगण में उपस्थित किसानों  को सम्बोधित कर रहे थे।  कार्यक्रम में अपर कलेक्टर श्री रोशन राय, श्री श्रवण चावड़ा, कृषि उप संचालक श्री सी.एल. केवड़ा, मंडी सचिव श्री रामवीर किरार सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।

जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि किसान हमारा अन्नदाता है, जो भर गर्मी, बारिश और कड़ाके की ठंड में खेतों में कठोर परिश्रम कर फसल पैदा करता है। किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य मिले, इसके लिए राज्य और केन्द्र सरकार कृत संकल्पित है। किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य और सम्मान देना हमारी प्राथमिकता है।

 किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से इसी वर्ष 2025 में मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान योजना लागू की गई है। जिससे राज्य सरकार द्वारा सोयाबीन का घोषित न्यूनतम मूल्य(MSP) तथा राज्य के मंडी के मॉडल भाव के अंतर की राशि किसानों को देने का प्रावधान किया गया है। आज गुरुवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देवास में आयोजित कार्यक्रम में एक लाख 33 हजार किसानों के बैंक खातों में 2.33 करोड़ रुपये की राशि का अंतरण करके की। इसमें इंदौर जिले के 7 हजार किसानों के बैंक खातों में 15 करोड़  54 लाख रुपये की राशि अंतरित की गई। सांवेर क्षेत्र के लगभग तीन हजार किसानों के बैंक खातों में 5 करोड़ रुपये की राशि अंतरित की गई।  इस मौके पर मंत्री श्री सिलावट ने किसानों से दोनों हाथ उठाकर संकल्प दिलाकर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति धन्यवाद एवं आभार प्रकट किया।

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मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि इस बार सोयाबीन का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5 हजार 328 रुपये प्रति क्विंटल ‍ निर्धारित किया गया। यदि किसानों को इससे कम मूल्य मिलेगा, तो राज्य सरकार द्वारा भावांतर भुगतान योजना के माध्यम से प्रदान करने का वादा किया था। मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि मंडी में सोयाबीन का मॉडल रेट 4072 रुपये तय हुआ, इस तरह से किसानों को 1300 रुपये अधिकतम एवं न्यूनतम 500 रुपये की भावांतर राशि प्राप्त होगी। भावांतर भुगतान योजना 15 जनवरी 2026 तक प्रभावशील रहेगी।   मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि सोयाबीन भावांतर योजना के तहत सोयाबीन के विक्रय मूल्य, न्यूनतम समर्थन मूल्य और मंडी के मॉडल भाव दोनों से कम होने पर न्यूनतम समर्थन मूल्य के अंतर की राशि किसानों को प्रदान की जाएगी। सोयाबीन का न्यूनतम विक्रय मूल्य, एमएसपी और मंडी के मॉडल भाव दोनों से कम होने पर एवं एमएसपी के अंतर की राशि किसान को प्रदान की जाएगी। उदाहरण के लिए सोयाबीन का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5 हजार 328 रुपये और सोयाबीन का मॉडल भाव 4020 रुपये है तथा किसान का विक्रय मूल्य 4500 रुपये रहा तो मॉडल भाव और एमएसपी के अंतर की 828 रुपये भावांतर की राशि राज्य सरकार द्वारा प्रदान की जाएगी। यदि किसान अपनी फसल का विक्रय मूल्य 4000 रुपये रहा तो मॉडल भाव और एमएसपी 5 हजार 328 रुपये के अंतर की 1328 रुपये भावांतर की राशि राज्य सरकार द्वारा प्रदान की जाएगी। भावांतर योजना की राशि का किसान के आधार लिंक बैंक खाते में सीधे अंतरण होगा।

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