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राज्य कृषि समाचार (State News)

रीवा-सतना समेत मध्यप्रदेश के इन जिलों में भारी वर्षा का अलर्ट, IMD ने जारी की चेतावनी

03 अक्टूबर 2025, भोपाल: रीवा-सतना समेत मध्यप्रदेश के इन जिलों में भारी वर्षा का अलर्ट, IMD ने जारी की चेतावनी – मध्यप्रदेश में बीते 24 घंटों के दौरान मौसम ने एक बार फिर करवट ली। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, प्रदेश के ग्वालियर और चंबल संभागों के अधिकांश जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। वहीं, सागर संभाग में कई स्थानों पर, जबलपुर, भोपाल, नर्मदापुरम, रीवा और शहडोल संभागों के कुछ जिलों में कहीं-कहीं बारिश हुई। इंदौर और उज्जैन संभागों के जिलों में भी कुछ स्थानों पर वर्षा देखने को मिली। इसके अलावा प्रदेश के शेष संभागों में मौसम आमतौर पर शुष्क बना रहा।

वर्षा के आंकड़े

पिछले 24 घंटों में मध्यप्रदेश के कई क्षेत्रों में बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक बारिश मुरैना में 87.6 मिमी दर्ज की गई, इसके बाद गोहद में 67.0 मिमी, बमोरी में 60.0 मिमी, बरही में 52.0 मिमी, और लखनादौन में 50.0 मिमी बारिश हुई। अन्य स्थानों पर बारिश के आंकड़े इस प्रकार हैं: अलीपुर और सबलगढ़ में 48.0 मिमी, हरदोई में 45.4 मिमी, रौन, पोरसा और बीरपुर में 40.0 मिमी, मिहोना में 39.0 मिमी, लहार और मझगांव में 38.0 मिमी, अंबाह में 37.0 मिमी, मेहगांव और कैलाश में 35.0 मिमी, कराहल में 34.0 मिमी, और गोरमी में 33.0 मिमी। इसके अलावा, अटेर में 32.2 मिमी, भिंड में 30.0 मिमी, कुसमी में 29.0 मिमी, नौरोजाबाद में 28.8 मिमी, और मलाजखंड में 27.8 मिमी बारिश दर्ज की गई। अन्य कई स्थानों जैसे विजयराघवगढ़, नैनपुर, ग्वालियर, डबरा, और पचमढ़ी में भी 20 से 26 मिमी के बीच बारिश हुई। कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश (1 से 10 मिमी) दर्ज की गई, जैसे भोपाल, रायसेन, मैहर, और टीकमगढ़।

मौसमी परिस्थितियां

मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी रेखा वर्तमान में 20° उत्तर/69° पूर्व, वेरावल, भुज, उज्जैन, झांसी, शाहजहांपुर और 30° उत्तर/81° पूर्व से होकर गुजर रही है। बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य भाग में एक सुस्पष्ट निम्न दाब क्षेत्र बना हुआ है, जिससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण मध्य समुद्र तल से 9.6 किमी की ऊंचाई पर है। यह अगले 12 घंटों में उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ेगा और एक अवदाब में परिवर्तित होने की संभावना है। यह 3 अक्टूबर की सुबह तक दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तटों को पार कर सकता है, जिसके बाद यह गहरा अवदाब बन सकता है। इसके अलावा, उत्तर-पूर्वी अरब सागर और सौराष्ट्र तट पर भी एक निम्न दाब क्षेत्र है, जो अगले 12 घंटों में पश्चिम की ओर बढ़कर अवदाब में बदल सकता है। यह पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम की ओर उत्तर-पश्चिमी अरब सागर की ओर बढ़ेगा। एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण उत्तर-पूर्वी राजस्थान के ऊपर 1.5 किमी की ऊंचाई पर है, और एक ट्रफ रेखा पूर्वी राजस्थान से दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश तक फैली हुई है।

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मौसम  पूर्वानुमान

मौसम विभाग ने मध्यप्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश, झंझावात और वज्रपात की चेतावनी जारी की है। रीवा, सतना, पन्ना और मैहर जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश के साथ झंझावात और वज्रपात की संभावना है।

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इसके अलावा, भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां, सिंगरौली, सीधी, मऊगंज, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और पांढुर्ना जिलों में कहीं-कहीं झंझावात और वज्रपात की संभावना है।  

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