राज्य कृषि समाचार (State News)

बिहार में कृषि अधोसंरचना को मिलेगी मजबूती: 24 करोड़ रुपये से बनेंगे अनाज भंडारण गोदाम और पक्के थ्रेसिंग फ्लोर

23 जून 2026, पटना: बिहार में कृषि अधोसंरचना को मिलेगी मजबूती: 24 करोड़ रुपये से बनेंगे अनाज भंडारण गोदाम और पक्के थ्रेसिंग फ्लोर –  किसानों को फसल भंडारण और कटाई के बाद होने वाले नुकसान से बचाने के उद्देश्य से बिहार सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। राज्य के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने घोषणा की है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (आरकेवीवाई) के तहत राज्य के सभी जिलों में आधुनिक अनाज भंडारण गोदाम तथा पक्के थ्रेसिंग फ्लोर (Threshing Floor) का निर्माण कराया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए सरकार ने 24 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी प्रदान की है।

योजना के अनुसार राज्य के विभिन्न जिलों में 100 एवं 200 मीट्रिक टन क्षमता वाले अनाज भंडारण गोदाम बनाए जाएंगे। इन गोदामों के निर्माण से किसानों को अपनी उपज सुरक्षित रखने की सुविधा मिलेगी। वर्तमान में पर्याप्त भंडारण व्यवस्था के अभाव में कई किसानों को फसल कटाई के तुरंत बाद कम कीमत पर उपज बेचने के लिए मजबूर होना पड़ता है। नई व्यवस्था लागू होने से किसान अपनी उपज सुरक्षित रखकर उचित समय पर बेहतर मूल्य प्राप्त कर सकेंगे।

इसके साथ ही किसानों की सुविधा के लिए पक्के थ्रेसिंग फ्लोर का भी निर्माण किया जाएगा। इन प्लेटफॉर्मों पर फसलों की मड़ाई, सफाई और सुखाने का कार्य वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित ढंग से किया जा सकेगा। खुले मैदान या कच्ची जमीन पर मड़ाई करने से होने वाले अनाज के नुकसान और गुणवत्ता में गिरावट को रोकने में यह व्यवस्था काफी उपयोगी साबित होगी।

इस परियोजना के लिए स्वीकृत 24 करोड़ रुपये के बजट में 14.40 करोड़ रुपये केंद्र सरकार तथा 9.60 करोड़ रुपये बिहार सरकार द्वारा उपलब्ध कराए जाएंगे। केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त भागीदारी से संचालित यह योजना कृषि अधोसंरचना को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को केवल उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि कटाई के बाद की व्यवस्थाओं को भी सुदृढ़ बनाने पर विशेष ध्यान दे रही है। उनका कहना है कि बेहतर भंडारण और वैज्ञानिक प्रसंस्करण सुविधाएं उपलब्ध होने से किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी तथा कृषि क्षेत्र अधिक लाभकारी बनेगा।

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि बिहार जैसे कृषि प्रधान राज्य में मजबूत भंडारण व्यवस्था समय की आवश्यकता है। पर्याप्त गोदाम उपलब्ध होने से अनाज की बर्बादी कम होगी, बाजार में आपूर्ति का बेहतर प्रबंधन संभव होगा और किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए अधिक विकल्प मिलेंगे। वहीं पक्के थ्रेसिंग फ्लोर से फसल की गुणवत्ता में सुधार होगा, जिससे किसानों को बेहतर बाजार मूल्य मिलने की संभावना भी बढ़ेगी।

सरकार की यह योजना ग्रामीण कृषि अधोसंरचना को नई मजबूती प्रदान करने के साथ-साथ छोटे और सीमांत किसानों के लिए भी लाभकारी साबित हो सकती है। यदि योजना का समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से क्रियान्वयन किया जाता है, तो इससे न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि राज्य में कृषि क्षेत्र के समग्र विकास को भी नई गति मिलेगी। यह पहल बिहार में आधुनिक और टिकाऊ कृषि व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है।

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