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राज्य कृषि समाचार (State News)

आगर मालवा : कार्यशाला में किसानों को जैविक एवं प्राकृतिक खेती की जानकारी दी

20 मार्च 2026, आगर मालवा: आगर मालवा : कार्यशाला में किसानों को जैविक एवं प्राकृतिक खेती की जानकारी दी – कलेक्टर श्रीमती प्रीति यादव के मार्गदर्शन में किसान कल्याण वर्ष-2026 के अंतर्गत जिले में परम्परागत कृषि विकास योजना (PKVY) के तहत कृषकों के लिए कार्यशाला का आयोजन  किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य किसानों को जैविक एवं प्राकृतिक खेती अपनाने, नरवाई प्रबंधन तथा फसल विविधीकरण के प्रति जागरूक करना रहा।

उप संचालक किसान कल्याण एवं कृषि विकास श्री विजय चौरसिया ने बताया कि जिले में परम्परागत कृषि विकास योजना के अंतर्गत क्षेत्र चयन किया गया है, जिसमें मेसर्स पतंजलि रिसर्च ऑर्गेनिक प्रा.लि. को 1000 हेक्टेयर तथा क्यूसिल एग्रीटेक प्रा.लि. को 500 हेक्टेयर क्षेत्र सर्विस प्रोवाइडर के रूप में आवंटित किया गया है। योजना के अंतर्गत किसानों के जैविक उत्पादों का PGS इंडिया पोर्टल के माध्यम से प्रमाणीकरण, ब्रांडिंग और मार्केटिंग का कार्य किया जाएगा।

कार्यशाला में किसानों को नरवाई प्रबंधन के महत्व की जानकारी देते हुए स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम, सीबीजी प्लांट उपयोग, हैप्पी सीडर एवं जीरो टिलेज तकनीक अपनाने की सलाह दी गई। बताया गया कि ग्राम कवराखेड़ी (विकासखंड सुसनेर) में नरवाई से भूसा एवं ब्रिकेट निर्माण का कार्य किया जा रहा है। विशेषज्ञों ने किसानों से अपील की कि नरवाई जलाने से मिट्टी के सूक्ष्म जीव एवं बैक्टीरिया नष्ट हो जाते हैं, जिससे भूमि की उर्वरता प्रभावित होती है। नरवाई प्रबंधन हेतु कृषि यंत्रों पर शासन द्वारा अनुदान भी प्रदान किया जा रहा है। कृषि विज्ञान केंद्र, आगर-मालवा के प्रधान वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. ए.के. दीक्षित ने फसल विविधीकरण, सूक्ष्म पोषक तत्व प्रबंधन एवं परम्परागत खेती प्रणाली अपनाने के संबंध में कृषकों एवं लीड रिसोर्स पर्सन (LRP) को जानकारी दी। वहीं कृषि विज्ञान केन्द्र उज्जैन की तकनीकी सहायक डॉ. सविता कुमारी ने प्राकृतिक खेती के विभिन्न घटकों के निर्माण, उपयोग एवं लाभों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

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जिला समन्वयक पतंजलि ऑर्गेनिक रिसर्च इंस्टीट्यूट श्री जुझार सिंह नागर ने बताया कि जिले में आवंटित 1000 हेक्टेयर क्षेत्र में किसानों का चयन कर पीजीएस पोर्टल पर जैविक प्रमाणीकरण हेतु पंजीयन किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि जिले की जलवायु मसाला एवं औषधीय फसलों के लिए अनुकूल है, जिससे किसानों को बेहतर मूल्य प्राप्त हो सकता है। परियोजना प्रबंधक क्यूसिल एग्रीटेक प्रा.लि. श्री प्रशांत परिहार ने बताया कि संस्था को आवंटित 500 हेक्टेयर क्षेत्र में भी किसानों का चयन कर पीजीएस इंडिया पोर्टल पर पंजीयन पूर्ण कर लिया गया है। कार्यशाला में बड़ी संख्या में किसान एवं कृषि विशेषज्ञ उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन  एवं आभार प्रदर्शन वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी डॉ. किरण ठाकुर द्वारा किया गया।

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