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राज्य कृषि समाचार (State News)

छत्तीसगढ़ में बारिश से धान बचाने के लिए प्रशासन अलर्ट, कलेक्टरों को दिए गए निर्देश

02 दिसंबर 2024, रायपुर: छत्तीसगढ़ में बारिश से धान बचाने के लिए प्रशासन अलर्ट, कलेक्टरों को दिए गए निर्देश – चक्रवाती तूफान ‘फेंगल’ के प्रभाव से संभावित बारिश के मद्देनजर छत्तीसगढ़ में धान खरीदी प्रक्रिया को सुचारू रखने और फसलों को नुकसान से बचाने के लिए प्रशासन ने कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। राज्य में सभी जिलों के कलेक्टरों को धान को सुरक्षित रखने के लिए विशेष व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन की तैयारियां

खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल ने जानकारी दी कि राज्य में धान खरीदी अभियान 14 नवंबर से चल रहा है, और अब तक 18.09 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हो चुकी है। बारिश की संभावना को देखते हुए सभी उपार्जन केंद्रों में धान को सुरक्षित रखने के इंतजाम करने पर जोर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि कलेक्टरों को निर्देशित किया गया है कि धान खरीदी केंद्रों पर तिरपाल, शेड और अन्य जरूरी इंतजाम सुनिश्चित करें। साथ ही, धान के भंडारण और परिवहन की प्रक्रिया में किसी भी तरह की बाधा न आए, यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है।

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धान खरीदी अभियान का ब्योरा

  • अब तक की खरीदी: 3.85 लाख किसानों ने 18.09 लाख मीट्रिक टन धान बेचा।
  • भुगतान: किसानों को 3706.69 करोड़ रुपये का भुगतान बैंक लिंकेज के माध्यम से किया गया।
  • कुल लक्ष्य: इस खरीफ सीजन में 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य रखा गया है।
  • पंजीकृत किसान: 27.68 लाख किसानों ने पंजीकरण कराया है, जिसमें 1.45 लाख नए किसान शामिल हैं।
  • समाप्ति तिथि: धान खरीदी अभियान 31 जनवरी 2025 तक चलेगा।

राज्य के 2058 सहकारी समितियों में माइक्रो एटीएम उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि किसान तुरंत धनराशि निकालकर अपने परिवहन और मजदूरी खर्चों का निपटान कर सकें। किसानों के लिए यह सुविधा 2000 रुपये से 10,000 रुपये तक की धनराशि निकालने की है।

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अवैध धान आवक पर रोकथाम

दूसरे राज्यों से धान की अवैध आवक और परिवहन को रोकने के लिए बॉर्डर इलाकों में चेक पोस्ट बनाए गए हैं। इसके अलावा, राज्य स्तरीय वरिष्ठ अधिकारियों की टीमों को जिलों की निगरानी के लिए नियुक्त किया गया है।

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