कोटा में जैविक कृषि पर आधारित प्रशिक्षण संपन्न
06 फरवरी 2026, कोटा: कोटा में जैविक कृषि पर आधारित प्रशिक्षण संपन्न – ग्रामीण क्षेत्र के किसानों की आय बढ़ाने एवं आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से गत दिनों श्रीराम शान्ताय जैविक कृषि अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केन्द्र ,कोटा में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में संस्थान के चेयरमैन श्री ताराचंद गोयल, संघ के प्रचारक एवं किसान संघ के अखिल भारतीय बीज प्रमुख श्री कृष्ण मुरारी, अनुसंधान केंद्र के मुख्य प्रबंधक श्री पवन टाक, उन्नत कृषि अभियान के प्रणेता श्री मोहित नागर सहित क्षेत्र के 80 से अधिक किसानों ने भाग लिया।
श्री गोयल ने सभी ग्राम वासियो को बताया कि यह संस्थान किसानों के लिए है और किसान ही इसके कर्णधार है, हम सभी का दायित्व बनता है कि अब परिवार के पोषण हेतु जैविक कृषि करे। वहीं श्री मुरारी ने किसानों को बीज बचाने एवं बनाने के लिए प्रेरित किया। श्री टाक ने किसानों को गो आधारित जैविक खेती की अवधारणा, उसके लाभ एवं व्यवहारिक उपयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गो आधारित जैविक कृषि न केवल भूमि की उर्वरता को लंबे समय तक बनाए रखती है, बल्कि उत्पादन लागत को कम कर पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने किसानों को ताजा गोबर ,गोमूत्र आधारित कीटनाशकों एवं सरल कम्पोस्ट जैसी जैविक खादों के उपयोग की विधियों से अवगत कराया।
उन्नत कृषि अभियान के प्रणेता एवं स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय से पीएचडी कर रहे श्री मोहित नागर ने प्रशिक्षण के दौरान किसानों को बताया कि पारंपरिक खेती के साथ-साथ यदि आधुनिक तकनीकों जैसे ड्रिप सिंचाई, मल्चिंग, पॉलीहाउस, नेट हाउस, उन्नत किस्मों का चयन एवं संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन को अपनाया जाए, तो कम लागत में अधिक उत्पादन और बेहतर गुणवत्ता प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने कहा कि सब्जी फसलों की वैज्ञानिक तरीके से खेती कर किसान अपनी आमदनी में कई गुना वृद्धि कर सकते हैं। प्रशिक्षण में किसानों को यह भी समझाया गया कि बाजार की मांग के अनुसार फसल चयन, समय पर रोपाई, रोग-कीट प्रबंधन तथा सही विपणन रणनीति अपनाकर खेती को एक लाभकारी व्यवसाय बनाया जा सकता है। प्रशिक्षण के अंत में किसानों ने अपनी शंकाएँ रखीं, जिनका समाधान सरल और व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से किया गया।
किसानों ने इस प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की मांग की गई। जिस पर वादा किया गया कि किसानों के लिए समय -समय पर ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे और किसानों की समस्याओं का समाधान कर उन्हें नवीन तकनीक से खेती करने के लिए प्रेरित किया जाएगा, ताकि किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार हो सके। इस प्रशिक्षण में ग्राम जाखोड़ा, किशनपुरा, कादीहेड़ा और राजपुरा के 80 से अधिक किसान मौजूद रहे ।
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