मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया
12 मई 2026, नई दिल्ली: मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया – उत्तर प्रदेश में गुणवत्तायुक्त शहद उत्पादन और मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से न्यूजीलैंड के शहद उत्पादन एवं प्रसंस्करण क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार भेंट कर तकनीकी सहयोग और आधुनिक उत्पादन प्रणाली पर विस्तृत चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व अपर मुख्य सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग बी. एल. मीणा ने किया। इसमें न्यूजीलैंड के ईशान जयवर्धने, मेलानी फिलिप्स, बायरन टेलर और बाराबंकी के निमित सिंह ‘मधुमक्खीवाला’ शामिल रहे।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि न्यूजीलैंड में उच्च गुणवत्ता वाले शहद के उत्पादन, प्रसंस्करण और रोग नियंत्रण के लिए आधुनिक तकनीकों का सफल उपयोग किया जा रहा है। इन तकनीकों को उत्तर प्रदेश के मधुमक्खी पालकों तक प्रशिक्षण और तकनीकी सहयोग के जरिए पहुंचाया जा सकता है। टीम ने रायबरेली और बाराबंकी जिलों का दौरा कर स्थानीय मधुमक्खी पालकों से बातचीत भी की। इस दौरान प्रदेश में शहद उत्पादन की व्यापक संभावनाओं का अध्ययन किया गया। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि न्यूजीलैंड में उच्च गुणवत्ता वाले शहद के उत्पादन, प्रसंस्करण और रोग नियंत्रण के लिए आधुनिक तकनीकों का सफल उपयोग किया जा रहा है। इन तकनीकों को उत्तर प्रदेश के मधुमक्खी पालकों तक प्रशिक्षण और तकनीकी सहयोग के जरिए पहुंचाया जा सकता है। टीम ने रायबरेली और बाराबंकी जिलों का दौरा कर स्थानीय मधुमक्खी पालकों से बातचीत भी की। इस दौरान प्रदेश में शहद उत्पादन की व्यापक संभावनाओं का अध्ययन किया गया। बैठक के दौरान एक महत्वपूर्ण जानकारी यह सामने आई कि न्यूज़ीलैंड न केवल शुद्ध शहद, बल्कि शहद आधारित चॉकलेट, टॉफी और अन्य स्वास्थ्यवर्धक उत्पाद बनाने में भी दक्ष है। प्रतिनिधिमंडल ने इन उत्पादों की तकनीक और अनुभव यूपी सरकार के साथ साझा करने का आश्वासन दिया है।
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