Ad DesktopAd TabletAd Mobile
राज्य कृषि समाचार (State News)

ताड़ के पेड़ों से ‘नीरा’ निकालने के लिए लाइसेंस अनिवार्य

30 मार्च 2026, भोपाल: ताड़ के पेड़ों से ‘नीरा’ निकालने के लिए लाइसेंस अनिवार्य – बिहार की सरकार ने नीरा सीजन को ध्यान में रखते हुए विभिन्न निर्णय लिए है वहीं अफसरों को भी निर्देश दिए गए है।  बता दें कि राज्य में नीरा सीजन अप्रैल से जुलाई माह तक चलेगा और इसको ध्यान में रखते हुए  मद्य निषेध एवं उत्पाद विभाग ने सभी जिलों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि लाइसेंस से संबंधित सभी प्रक्रियाएं समय सीमा के भीतर पूरी कर ली जाए, ताकि लोगों को समय रहते रोजगार के अवसर भी मिल सकें.

विभाग का मुख्य फोकस उन टैपर्स (ताड़ी निकालने वाले श्रमिकों) पर है, जिन्होंने वर्ष 2025-26 में लाइसेंस प्राप्त किया था. इन सभी का नवीकरण वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अनिवार्य रूप से कराया जाएगा. इसके साथ ही, नए इच्छुक आवेदकों के लिए भी अवसर खोले गए हैं. अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि प्राप्त आवेदनों की तेजी से जांच कर पात्र अभ्यर्थियों को जल्द से जल्द लाइसेंस जारी किया जाए. इस पूरी प्रक्रिया में जीविका (बिहार ग्रामीण आजीविका मिशन) की महत्वपूर्ण भूमिका है. जिला परियोजना प्रबंधकों को निर्देश दिया गया है कि वे जीविका समूहों के साथ समन्वय बनाकर काम करें, ताकि अधिक से अधिक ग्रामीणों को इस योजना से जोड़ा जा सके. जीविका से जुड़े नीरा उत्पाद समूहों में पंजीकृत लोगों को प्राथमिकता देते हुए उन्हें प्रशिक्षण और लाइसेंस दोनों उपलब्ध कराए जा रहे हैं.

बिहार नीरा (ताड़ का खमीर मुक्त रस) नियमावली, 2017’ के अनुसार, नीरा निकालने के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य है. बिना लाइसेंस के इस कार्य को करना अवैध माना जाएगा. यही कारण है कि विभाग इस बार किसी भी तरह की लापरवाही से बचने के लिए पहले से ही सभी तैयारियां सुनिश्चित कर रहा है.

Ad DesktopAd TabletAd Mobile
Ad DesktopAd TabletAd Mobile

क्या है नीरा

नीरा ताड़ के पेड़ों से प्राप्त एक प्राकृतिक, खमीर-मुक्त रस होता है, जिसे स्वास्थ्यवर्धक पेय के रूप में देखा जाता है. यह पूरी तरह गैर-मादक होता है और शरीर के लिए लाभकारी माना जाता है. सरकार का उद्देश्य इसे एक वैकल्पिक रोजगार स्रोत के साथ-साथ पौष्टिक पेय के रूप में लोकप्रिय बनाना है.

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें
खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर
चैनल फॉलो करें

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture