कटनी के किसान ने खेत में उगाया कश्मीरी केसर, 25-30 बीजों से शुरू किया प्रयोग
25 अक्टूबर 2026, कटनी: कटनी के किसान ने खेत में उगाया कश्मीरी केसर, 25-30 बीजों से शुरू किया प्रयोग – मध्य प्रदेश के कटनी जिले के ढीमरखेड़ा विकासखंड के ग्राम पाली मरसिहुड़ी के किसान माखन लाल यादव ने खेती में नवाचार करते हुए केसर उगाने का प्रयोग किया है। कश्मीर की वादियों में खिलने वाला लाल सुर्ख केसर अब उनके खेत में भी फूल रहा है। किसान ने महज 25 से 30 बीजों से इसकी खेती का प्रयोग शुरू किया। उनकी यह पहल खेती में नए विकल्प तलाशने वाले किसानों के लिए एक नई संभावना के रूप में सामने आई है।
एक जानकारी से शुरू हुआ केसर उगाने का प्रयोग
माखन लाल यादव को गांव में राजस्थान से गर्म कपड़े बेचने आने वाले कुछ लोगों से बातचीत के दौरान पता चला कि उनके क्षेत्र में केसर की खेती की संभावना हो सकती है। इस जानकारी ने उनकी उत्सुकता बढ़ाई। इसके बाद उन्होंने बीज मंगवाए और अपने खेत के एक छोटे से हिस्से में बो दिए। नियमित देखभाल के बाद पौधों में गांठें बनने लगीं और उनमें लाल सुर्ख फूल खिलने लगे। खेत में केसर के फूल देखकर किसान का उत्साह बढ़ा। उन्होंने आसपास के लोगों को भी अपना यह प्रयोग दिखाया।
फूलों की पंखुड़ियों से बढ़ी उम्मीद
माखन लाल यादव ने केसर के फूलों की पंखुड़ियां एकत्रित कर उन्हें सुखाया। इसके बाद स्थानीय स्तर पर इसकी कीमत के बारे में जानकारी जुटाई। उन्हें केसर की कीमत करीब 400 रुपये प्रति ग्राम तक बताए जाने की जानकारी मिली, जिससे उनकी उत्सुकता और बढ़ गई। हालांकि, इस प्रयोग से वास्तविक आमदनी कितनी होगी, इसका आकलन केसर की गुणवत्ता, बिक्री योग्य उपज और बाजार में मिलने वाली कीमत के आधार पर ही किया जा सकेगा।
बाजार तक पहुंच बनाने में एफपीओ करेगा मदद
किसानों की उपज को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मानव जीवन विकास समिति द्वारा संचालित संगमबीडी किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) काम कर रहा है। समिति के सचिव एवं पर्यावरणविद् निर्भय सिंह के अनुसार, एफपीओ किसानों को बड़ी कंपनियों और नीमच मंडी जैसे बाजारों तक पहुंच बनाने में सहयोग देता है।
समिति के कार्यकर्ता सुरेश दुबे ने गांव में किसान माखन लाल यादव से मुलाकात के दौरान उनके केसर उत्पादन के प्रयोग के बारे में जानकारी ली और उनके अनुभव को जाना। माखन लाल यादव का यह प्रयास खेती में नए प्रयोगों की संभावनाओं को सामने लाता है। उन्होंने सीमित बीजों से शुरुआत कर केसर उगाने का प्रयोग किया है। अब इस प्रयोग की सफलता और इससे होने वाली आमदनी का आकलन उपज तथा बाजार में बिक्री के आधार पर किया जा सकेगा।
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