Ad DesktopAd TabletAd Mobile
राज्य कृषि समाचार (State News)

दीपावली पर राजस्थान के किसानों को 345 करोड़ की सौगात, लंबित फसल बीमा दावों का भुगतान

02 नवंबर 2026, जयपुर: दीपावली पर राजस्थान के किसानों को 345 करोड़ की सौगात, लंबित फसल बीमा दावों का भुगतान – मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार ने दीपावली के अवसर पर प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत दी है। प्राकृतिक आपदाओं और प्रतिकूल मौसम की मार झेलने वाले किसानों को आर्थिक संबल प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत लगभग 345 करोड़ रुपये के लंबित फसल बीमा दावों का भुगतान किया गया है। इससे लंबे समय से बीमा राशि का इंतजार कर रहे पात्र किसानों को राहत मिली है।

कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशन और कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के मार्गदर्शन में कृषि विभाग लंबित बीमा दावों के शीघ्र निस्तारण के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। इसी क्रम में लगभग 345 करोड़ रुपये की बीमा राशि का भुगतान सुनिश्चित किया गया है।

उन्होंने बताया कि इस पहल का लाभ प्रदेश के नौ जिलों के पात्र बीमित किसानों को मिला है। इनमें जयपुर, बाड़मेर, बीकानेर, जोधपुर, पाली, सिरोही, चूरू, जालोर और डूंगरपुर जिले शामिल हैं। इन जिलों के किसानों को फसल नुकसान के एवज में लंबित बीमा दावों की राशि उपलब्ध कराई गई है।

Ad DesktopAd TabletAd Mobile
Ad DesktopAd TabletAd Mobile

राज्य सरकार की इस पहल का उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं, अतिवृष्टि और प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियों के कारण फसल खराब होने से प्रभावित किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है। फसल बीमा योजना के माध्यम से किसानों को नुकसान की स्थिति में आर्थिक सहायता मिलती है, जिससे वे आगामी कृषि गतिविधियों को जारी रख सकें।

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें
खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर
चैनल फॉलो करें

सरकार ने लंबित बीमा दावों के निस्तारण को प्राथमिकता देते हुए किसानों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने की दिशा में प्रयास किए हैं। दीपावली के अवसर पर मिली इस आर्थिक सहायता से लाभान्वित किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture