राज्य कृषि समाचार (State News)

9 जिले के अधिकारी कैसे करेंगे कृषि विस्तार ?

20 जनवरी 2025, भोपाल: 9 जिले के अधिकारी कैसे करेंगे कृषि विस्तार ? – खेती किसानी का काम काफी चुनौतीपूर्ण होता है। कभी अल्पवर्षा, कभी अधिक वर्षा, कभी ओला-पाला तो कभी कीट-व्याधि आदि, इन सभी चुनौतियों से किसान निपटता है, परन्तु इनकी मदद एवं सलाह कृषि अधिकारी देते हैं। कृषि विस्तार की गतिविधियां सुचारू रूप से चलाने के लिए तथा समय की बचत के उद्देश्य से कृषि विभाग ने हाल ही में 22 जिलों के अधिकारियों को बोलेरो गाड़ी उपलब्ध कराई है। पूर्व में लगभग 24 गाडिय़ां जिलों को दी गई थीं। इस प्रकार अब तक 55 में से 46 जिलों के पास सरकारी वाहन उपलब्ध हैं शेष 9 जिलों को अब भी वाहन का इंतजार है। इसमें पूर्व मुख्यमंत्री का गृह जिला भी शामिल है।

जानकारी के मुताबिक कृषि विभाग विगत 2-3 वर्षों से संभाग एवं जिलों के कृषि अधिकारियों को नया सरकारी वाहन उपलब्ध करा रहा है। क्योंकि पूर्व में कई वर्षों पुराने वाहन चल रहे थे जो नई परिवहन नीति के तहत अनुपयोगी साबित हो गए हैं। विभाग ने लगभग 15 वर्ष से अधिक पुराने वाहनों को हटाया है, परन्तु अब भी लगभग 25-30 वाहन स्क्रेप के इंतजार में है।

इधर नये वाहन क्रय किये जा रहे हैं। वर्ष 2022 में 5, वर्ष 2024 में 19 एवं वर्ष 2025 में 22 गाडिय़ां जिलों एवं संभागों के अधिकारियों को दी गई हैं। इस प्रकार कुल 46 वाहन जिलों में दिए गए हैं। 9 जिले अब भी वंचित हैं इसमें पूर्व मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान का गृह जिला सीहोर भी शामिल है। इसके अलावा अलीराजपुर, कटनी, डिण्डोरी, उमरिया, अनूपपुर सहित नए जिले मैहर, पांढुर्ना एवं मऊगंज भी शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक हालांकि वाहनों की गिनती के अनुसार 9 जिले वाहनों से वंचित हैं परन्तु वास्तव में देखा जाए तो किसी-किसी जिले के संयुक्त एवं उप संचालक दोनों को वाहन दिए गए हैं जिससे बिना वाहन के जिले लगभग 12-14 हो सकते हैं।

Advertisements
Advertisement
Advertisement

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्रामव्हाट्सएप्प)

(कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें)

कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.krishakjagat.org/kj_epaper/

कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.en.krishakjagat.org

Advertisements
Advertisement
Advertisement