ग्वालियर कृषि विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह में 666 विद्यार्थियों को मिली उपाधि, चार विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक
17 अक्टूबर 2026, ग्वालियर: ग्वालियर कृषि विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह में 666 विद्यार्थियों को मिली उपाधि, चार विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक – शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना नहीं, बल्कि संस्कार, नैतिकता, संवेदनशीलता और समाज के प्रति समर्पण का भाव विकसित करना है। शोध और नवाचार की सार्थकता भी तभी है, जब उसका लाभ प्रयोगशालाओं और पुस्तकों से निकलकर खेतों तक पहुंचे और किसान से लेकर समाज के प्रत्येक व्यक्ति का जीवन बेहतर बनाए। विद्यार्थियों को अपनी शिक्षा का उपयोग राष्ट्र निर्माण और जनकल्याण के लिए करना चाहिए। यह संदेश मध्यप्रदेश के राज्यपाल एवं राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय के कुलाधिपति मंगुभाई पटेल ने गुरुवार को विश्वविद्यालय के 12वें दीक्षांत समारोह में दिया।
राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय, ग्वालियर में आयोजित समारोह उपलब्धियों, प्रेरणा और नवाचार का संगम बना। इस अवसर पर पीएचडी के 27, स्नातकोत्तर के 294 और स्नातक के 345 विद्यार्थियों सहित कुल 666 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक और सरताज बहादुर सिन्हा स्मृति पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। समारोह से पहले राज्यपाल ने कृषि महाविद्यालय परिसर स्थित सेंटर फॉर एग्रीबिजनेस इनक्यूबेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप (सीएआईई) में नवीन सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट का लोकार्पण किया। इसका उद्देश्य कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देना है।
किसानों तक पहुंचे कृषि ज्ञान:- विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. अरविंद कुमार शुक्ल ने प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं अनुसंधान गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि सफलता का आकलन केवल प्राप्त अंकों से नहीं, बल्कि अर्जित ज्ञान के व्यावहारिक उपयोग से होना चाहिए।
नई प्रोसेसिंग यूनिट से बढ़ेगा मूल्य संवर्धन:- दीक्षांत समारोह से पहले राज्यपाल ने सीएआईई में स्थापित नवीन सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट का लोकार्पण किया। यह पहल कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और कृषि आधारित उद्यमिता को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
चार विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक:- समारोह में उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए कृषि स्नातक वर्ग में कृषि महाविद्यालय, ग्वालियर के अभय शर्मा, उद्यानिकी स्नातक वर्ग में उद्यानिकी महाविद्यालय, मंदसौर के प्रत्यक्ष खटीक, कृषि स्नातकोत्तर वर्ग में कृषि महाविद्यालय, ग्वालियर की ऋद्धि भट्टाचार्जी तथा पीएचडी वर्ग में कृषि महाविद्यालय, ग्वालियर की नम्रता द्विवेदी को स्वर्ण पदक प्रदान किए गए।
वहीं, सृष्टि बालासाहेब खांडेकर, प्राजिकता कटारे और सुजल कुमार दीक्षित को सरताज बहादुर सिन्हा स्मृति पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर के कुलपति डॉ. दिवाकर सिंह राजपूत एवं राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय, ग्वालियर की कुलपति प्रो. स्मिता सहस्त्रबुद्धे उपस्थित रहे। साथ ही विश्वविद्यालय के प्रमंडल के सदस्य, निदेशक अनुसंधान सेवाएं, निदेशक शिक्षण एवं छात्र कल्याण, निदेशक विस्तार सेवाएं, कुलसचिव, लेखा नियंत्रक, कृषि एवं उद्यानिकी महाविद्यालयों के अधिष्ठाता, सेवानिवृत्त प्राध्यापक एवं वैज्ञानिक, अधिकारी, कर्मचारी और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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