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पशुपालन (Animal Husbandry)राज्य कृषि समाचार (State News)

276 पशु सखियों को मध्यप्रदेश और गुजरात में मिला ए-हेल्प प्रशिक्षण

28 अप्रैल 2023, भोपाल: 276 पशु सखियों को मध्यप्रदेश और गुजरात में मिला ए-हेल्प प्रशिक्षण – किसानों की पशुपालन में मदद में करने के लिए सरकार ने पशुपालन सखी योजना को प्रदेश में लागू किया हैं। पशु सखी योजना के तहत समुदाय के पशु स्वास्थ्य सेवा कर्मियों को जानवरों की देखभाल को लेकर सलाह देगी। इस योजना के लिए स्थानीय महिलाओं को “पशु सखी ” के रूप में प्रशिक्षित किया जायेगा। पशु सखी योजना पशु-उत्पादन, व्यापार और किसानों की आमदनी बढ़ाने की दिशा में सबसे ज्यादा उपयुक्त होगी।

पशुपालन मंत्री श्री प्रेमसिंह पटेल ने बताया कि केन्द्रीय पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय द्वारा मध्यप्रदेश से प्रारंभ पशु सखियों के प्रथम बैच की 276 पशु सखियों ने मध्यप्रदेश और गुजरात में ए-हेल्प का प्रशिक्षण पूरा कर लाभ उठाना आरंभ कर दिया है। प्रशिक्षण की शुरूआत 23 जुलाई-2022 में मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा चयनित पशु सखियों से हुई थी। इन्हें ए-हेल्प का आवासीय प्रशिक्षण राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड आनंद (गुजरात) और मध्यप्रदेश के पशुपालन एवं डेयरी विभाग के समन्वय से दिया गया, जो आगे भी जारी रहेगा।

पशु सखियाँ पशुपालक और पशुओं के बीच करेंगी सेतु का कार्य

पशु सखियाँ पशुपालक और पशुपालन एवं डेयरी विभाग के बीच सेतु का कार्य कर रही हैं। ए-हेल्प मूलत: एनआरएलएम पंजीकृत महिला स्व-सहायता समूह की सदस्य हैं, जिन्हें पशुपालन गतिविधियों, योजनाओं, सामान्य घरेलू पशु उपचार, पशुओं की उचित देखभाल और संतुलित आहार से संबंधित प्रशिक्षण दिया गया है। इससे ग्राम स्तर पर पशुपालकों को काफी लाभ मिलने के साथ महिला स्व-सहायता समूह भी आत्म-निर्भर बन रहे हैं। प्रशिक्षण के बाद पशु सखियों को ए-हेल्प किट भी दिया गया है, जिसमें पशुपालन संबंधी पुस्तकें, एप्रेन, कैप, खाद्य सामग्री तौलने के लिये मशीन एवं अन्य जरूरी सामग्री है। पशुओं की संगणना, टेगिंग और पशुपालन गतिविधियों में विस्तार में भी ए-हेल्प की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। ए-हेल्प पशु सखियों को पशुपालन से आमदनी बढ़ाने वाली योजनाओं से महिलाओं और ग्रामीणों को जोड़ने के लिये विशेष ट्रेनिंग दी गई है। प्रशिक्षण के बाद ए-हेल्प क्षेत्र में पशुओं की छोटी-मोटी बीमारियों का निस्तारण करने में समर्थ हुई हैं। दुधारु पशुओं के स्वस्थ रहने से दूध उत्पादन में बढ़ोत्तरी हो रही है।

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ए-हेल्प पशु सखी पशुपालकों की उद्यमिता विकास के लिये बैंक से लोन लेने, आवेदन भरने, पशुओं की टेगिंग और पशुधन बीमा आदि कार्यों में भी सहायता कर रही हैं।

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