राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

Budget 2026 से किसानों को क्या मिला? कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गिनाए बड़े फायदे  

02 फरवरी 2026, नई दिल्ली: Budget 2026 से किसानों को क्या मिला? कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गिनाए बड़े फायदे – केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने केंद्रीय बजट 2026-27 को किसानों, गांव और ग्रामीण भारत के लिए ऐतिहासिक और डायनामिक बजट बताया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पेश किया गया यह बजट विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव रखता है और वर्ष 2047 तक देश को समृद्ध बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह बजट खास तौर पर गांव, गरीब, किसान, युवा और महिला को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में चल रही योजनाओं से गरीबी लगातार कम हो रही है और यह बजट गरीब को आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।

ग्रामीण विकास बजट में 21% की बढ़ोतरी

कृषि मंत्री ने बताया कि ग्रामीण विकास विभाग के बजट में इस बार 21 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है।
ग्रामीण विकास और कृषि मंत्रालय को मिलाकर कुल बजट अब 4 लाख 35 हजार 779 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है, जो सरकार की गांव और किसान के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता को दिखाता है।

उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत जी राम जी’ योजना के लिए राज्यों के अंशदान सहित लगभग 1.51 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे गांवों का समग्र विकास होगा।

मनरेगा के लिए रिकॉर्ड बजट

शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि पिछले वर्ष मनरेगा का कुल बजट लगभग 86 हजार करोड़ रुपये था, जबकि इस बार केंद्र सरकार का हिस्सा ही 95,692 करोड़ रुपये से अधिक रखा गया है।
राज्यों के अंशदान को जोड़ने पर मनरेगा के लिए कुल राशि 1.51 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो जाएगी, जो अब तक का सबसे बड़ा प्रावधान है।

पंचायतों को दोगुनी सीधी मदद

कृषि मंत्री ने कहा कि 16वें वित्त आयोग के निर्णय के अनुसार पंचायतों को सीधे 55,900 करोड़ रुपये से अधिक की राशि मिलेगी। उन्होंने बताया कि पहले पांच वर्षों में पंचायतों को लगभग 2.36 लाख करोड़ रुपये मिले थे, जो अब बढ़कर 4.35 लाख करोड़ रुपये हो गए हैं। इससे विकसित, स्वावलंबी और रोजगारयुक्त गांव बनाने में मदद मिलेगी।

कृषि बजट बढ़ा, सस्ती खाद पर बड़ा जोर

कृषि विभाग का बजट बढ़ाकर इस वर्ष 1,32,561 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
कृषि शिक्षा और अनुसंधान, विशेषकर आईसीएआर, के लिए 9,967 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

किसानों को सस्ती खाद उपलब्ध कराने के लिए 1,70,944 करोड़ रुपये की उर्वरक सब्सिडी का प्रावधान रखा गया है, जिससे खेती की लागत कम होगी और किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।

SHE-मार्ट से ग्रामीण महिलाओं को नया बाजार

लखपति दीदी योजना की सफलता को आगे बढ़ाते हुए बजट में ‘SHE-मार्ट’ की व्यवस्था की गई है।
हर जिले में कम्युनिटी-ओन्ड रिटेल आउटलेट बनाए जाएंगे, जहां स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण बहनों के उत्पादों को बाजार मिलेगा। इससे महिलाएं सिर्फ आजीविका नहीं बल्कि उद्यमी बन सकेंगी।

फाइबर, औषधीय पौधे और बागवानी से बढ़ेगी आमदनी

शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि नेशनल फाइबर स्कीम के तहत सिल्क, वूल और जूट जैसे फाइबर पर फोकस किया गया है। इसके साथ ही मेडिसिनल प्लांट्स के सर्टिफिकेशन और एक्सपोर्ट से जुड़े प्रावधानों से औषधीय पौधे उगाने वाले किसानों की आमदनी बढ़ेगी।

नारियल, कोको, काजू और चंदन जैसी उच्च-मूल्य फसलों के लिए भी बजट में विशेष व्यवस्था की गई है। पुराने नारियल बागों के पुनरुद्धार और नए बाग लगाने पर भी जोर दिया गया है।

 

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