Weather Today: निम्न दबाव क्षेत्र के असर से मध्य भारत में तेज होगी मानसूनी गतिविधि, उत्तर से दक्षिण और पूर्वोत्तर तक बारिश का दौर जारी
03 सितंबर 2026, नई दिल्ली: Weather Today: निम्न दबाव क्षेत्र के असर से मध्य भारत में तेज होगी मानसूनी गतिविधि, उत्तर से दक्षिण और पूर्वोत्तर तक बारिश का दौर जारी – भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्र पर बना सुस्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र इस समय सक्रिय है और इसके अगले 24 घंटों के दौरान दक्षिण उत्तर प्रदेश तथा उससे सटे उत्तर-मध्य मध्य प्रदेश से होते हुए पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है। इस मौसम प्रणाली के प्रभाव से 3 से 5 सितंबर के दौरान मध्य प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
वहीं 3 सितंबर को पूर्वी मध्य प्रदेश में कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश होने की आशंका है। मौसम विभाग के मुताबिक, इस दौरान मध्य भारत के अलावा उत्तर-पश्चिम, पूर्वी भारत, पूर्वोत्तर और पश्चिमी तट के कई हिस्सों में भी बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी। अगले एक सप्ताह के दौरान प्रायद्वीपीय भारत में भी धीमी से मध्यम बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।
सिनोप्टिक मौसम परिस्थिति: निम्न दबाव क्षेत्र बना बारिश का मुख्य कारण
IMD के मुताबिक, औसत समुद्र तल पर मानसून ट्रफ अपनी सामान्य स्थिति के आसपास बनी हुई है। उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और उसके आसपास बना सुस्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र 3 सितंबर की सुबह 8:30 बजे भी इसी क्षेत्र में सक्रिय था। इसके अगले 24 घंटों के दौरान दक्षिण उत्तर प्रदेश और उससे सटे उत्तर-मध्य मध्य प्रदेश होते हुए पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने की संभावना है। इस सिस्टम से जुड़े चक्रवाती परिसंचरण से लेकर उत्तर-पूर्वी अरब सागर तक निचले और मध्य क्षोभमंडलीय स्तरों में एक ट्रफ बनी हुई है। इसके साथ ही मध्य क्षोभमंडलीय स्तर पर पश्चिमी विक्षोभ भी करीब 32° उत्तरी अक्षांश के उत्तर की ओर बढ़ रहा है। उत्तर हरियाणा, दक्षिण-पश्चिम बांग्लादेश और उत्तर-पूर्वी असम के ऊपर भी ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण बने हुए हैं।
उत्तर-पश्चिम भारत: उत्तराखंड से पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक बारिश का असर
उत्तर-पश्चिम भारत में अगले कुछ दिनों तक मौसम सक्रिय रहने वाला है। उत्तराखंड में 3 से 9 सितंबर के दौरान व्यापक बारिश की संभावना है और इस दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है। हिमाचल प्रदेश में 3 से 5 सितंबर के दौरान कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना है, जबकि 6 से 9 सितंबर के बीच छिटपुट बारिश का दौर जारी रह सकता है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद क्षेत्र में भी 3 सितंबर तथा 5 से 9 सितंबर के दौरान कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है, जबकि 4 सितंबर को भारी बारिश की संभावना है।
पंजाब में 3 से 9 सितंबर तक बारिश की गतिविधियां बनी रहने का अनुमान है। हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 3 से 5 सितंबर के दौरान कई स्थानों पर बारिश हो सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 3 से 6 सितंबर तक बारिश और 3 सितंबर को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी 3 सितंबर तथा 6 से 8 सितंबर के बीच बारिश हो सकती है। राजस्थान की बात करें तो पश्चिमी राजस्थान में 3 से 6 सितंबर और पूर्वी राजस्थान में 3 सितंबर तथा 5 से 9 सितंबर के दौरान कुछ स्थानों पर बारिश की संभावना है। 4 सितंबर को पूर्वी राजस्थान में व्यापक बारिश हो सकती है।
मध्य भारत: मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा बारिश का खतरा
मध्य भारत में इस समय मौसम की सबसे बड़ी गतिविधि मध्य प्रदेश के आसपास बनी हुई है। IMD के अनुसार, पश्चिमी मध्य प्रदेश में 3 से 7 सितंबर और पूर्वी मध्य प्रदेश में 3 से 8 सितंबर के दौरान बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी। 3 से 5 सितंबर के दौरान मध्य प्रदेश के दोनों हिस्सों में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है। सबसे अहम चेतावनी 3 सितंबर के लिए है, जब पूर्वी मध्य प्रदेश में कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा 3 से 7 सितंबर के दौरान मध्य प्रदेश में कुछ स्थानों पर गरज-चमक और बिजली गिरने की भी आशंका है।
छत्तीसगढ़ में 3 सितंबर तथा 8 और 9 सितंबर को बारिश की संभावना है, जबकि 3 से 7 सितंबर के बीच कुछ स्थानों पर गरज-चमक और बिजली गिर सकती है। 3 सितंबर को यहां कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है। विदर्भ में 3 से 5 सितंबर तक कई स्थानों पर बारिश होने का अनुमान है और 3 सितंबर को कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। 3 और 4 सितंबर को विदर्भ में गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना भी बनी हुई है।
पूर्वी भारत: बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में बारिश का दौर
पूर्वी भारत में भी मानसून सक्रिय रहेगा। गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल में 3 से 5 सितंबर तथा 7 से 9 सितंबर के दौरान कई स्थानों पर बारिश हो सकती है। 3 सितंबर को कुछ इलाकों में मध्यम से जोरदार बिजली कड़कने की संभावना है। बिहार में 4-5 सितंबर और 9 सितंबर को व्यापक बारिश हो सकती है, जबकि 3 से 6 सितंबर और 8-9 सितंबर के दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। झारखंड में 3 से 7 सितंबर के दौरान बारिश का दौर जारी रह सकता है और 5 सितंबर तथा 8-9 सितंबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। ओडिशा में 3 से 9 सितंबर तक कुछ स्थानों पर बारिश और 9 सितंबर को भारी बारिश होने की संभावना है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी 3 से 9 सितंबर के दौरान बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।
पूर्वोत्तर भारत: कई राज्यों में व्यापक बारिश की संभावना
पूर्वोत्तर भारत में भी अगले सप्ताह मौसम सक्रिय रहेगा। अरुणाचल प्रदेश में 5 से 8 सितंबर के दौरान व्यापक बारिश होने की संभावना है, जबकि 3 सितंबर को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है। असम और मेघालय में 3-4 तथा 6-8 सितंबर के दौरान कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 3 से 9 सितंबर तक व्यापक बारिश का अनुमान है। इन राज्यों में 3 से 7 सितंबर के दौरान कुछ स्थानों पर गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं, जबकि 3 से 9 सितंबर के दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी होने की संभावना है।
पश्चिम भारत: कोंकण-गोवा में पूरे सप्ताह बारिश
पश्चिम भारत में कोंकण और गोवा में 3 से 9 सितंबर तक कई स्थानों पर व्यापक बारिश होने की संभावना है। गुजरात क्षेत्र, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा तथा सौराष्ट्र और कच्छ में इस दौरान कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। मध्य महाराष्ट्र में 3 और 4 सितंबर को तथा मराठवाड़ा में 3 सितंबर को गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है। समुद्र से लगे क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर बारिश की तीव्रता बढ़ सकती है।
दक्षिण भारत: प्रायद्वीपीय भारत में जारी रहेगा बारिश का दौर
दक्षिण भारत में अगले एक सप्ताह के दौरान धीमी से मध्यम बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, केरल और माहे, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा, दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल तथा तेलंगाना में 3 से 9 सितंबर के दौरान कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। तटीय कर्नाटक में 3 से 9 सितंबर तक कई स्थानों पर व्यापक बारिश का अनुमान है, जबकि लक्षद्वीप में भी अलग-अलग दिनों में बारिश हो सकती है।
उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 3-4 सितंबर को गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा और झोंकों के साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में भी 3 से 5 तथा 6 से 7 सितंबर के दौरान तेज हवाओं की संभावना है। दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में 3 से 7 सितंबर तक तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि तेलंगाना में 3-4 सितंबर को 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने और झोंकों के साथ इनके 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की संभावना है।
दिल्ली में 3 से 6 सितंबर तक बादल और बारिश, तापमान रहेगा सामान्य से नीचे
राजधानी दिल्ली में 3 सितंबर को आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहने की संभावना है। IMD के अनुसार दोपहर या शाम के समय कुछ स्थानों पर बहुत हल्की से हल्की बारिश, जबकि अलग-अलग इलाकों में गरज-चमक और बिजली के साथ मध्यम बारिश हो सकती है। रात के समय भी हल्की बारिश का दौर देखने को मिल सकता है और अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। 4 सितंबर को दिल्ली में सुबह से दोपहर के बीच कई स्थानों पर हल्की बारिश की एक-दो बौछारें पड़ सकती हैं और कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ मध्यम बारिश हो सकती है। अधिकतम तापमान 31 से 33 डिग्री और न्यूनतम 25 से 27 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।
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