राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

सरकार ने प्रमुख खपत केंद्रों तक प्याज पहुंचाने के लिए रेल और सड़क परिवहन का हाइब्रिड मॉडल अपनाया

27 अगस्त 2026, नई दिल्ली: सरकार ने प्रमुख खपत केंद्रों तक प्याज पहुंचाने के लिए रेल और सड़क परिवहन का हाइब्रिड मॉडल अपनाया – भारत सरकार ने आगामी त्योहारी और शादी के सीजन के दौरान प्याज की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने और कीमतों में मौसमी बढ़ोतरी को नियंत्रित करने के लिए बफर स्टॉक से प्याज की चरणबद्ध और लक्षित आपूर्ति शुरू कर दी है।

इस पहल के तहत प्याज को प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों से बड़े खपत केंद्रों तक पहुंचाने के लिए रेलवे रेक और सड़क परिवहन दोनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। सरकार ने कहा है कि बाजार में कीमतों, आवक और मांग की स्थिति के आधार पर प्याज की आपूर्ति का दायरा और मात्रा बढ़ाई जा सकती है।

प्याज का उत्पादन पर्याप्त, घरेलू उपलब्धता मजबूत

भारत में प्याज की उपलब्धता आगामी महीनों में घरेलू मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त रहने की उम्मीद है। वर्ष 2025-26 में प्याज का अनुमानित उत्पादन 307.37 लाख टन रहा, जो पिछले वर्ष के 307.67 लाख टन के लगभग बराबर है।

सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए मूल्य स्थिरीकरण कोष (Price Stabilization Fund – PSF) के तहत 2 लाख टन रबी प्याज की खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया है। NAFED और NCCF के माध्यम से खरीद 15 मई 2026 से शुरू हुई थी और अब तक लगभग 1.21 लाख टन प्याज की खरीद की जा चुकी है।

भंडारण व्यवस्था को मजबूत करने और संचालन क्षमता बढ़ाने के लिए केंद्रीय भंडारण निगम (CWC) को पहली बार 2026-27 के लिए PSF प्याज बफर के भंडारण एजेंसी के रूप में शामिल किया गया है।

आगामी ओणम, गणेश चतुर्थी, दुर्गा पूजा, दशहरा और दिवाली के साथ-साथ शादी के सीजन में प्याज की मांग बढ़ने की संभावना रहती है। इस दौरान अधिक मांग और आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े कारणों के चलते प्याज की कीमतों पर मौसमी दबाव बढ़ सकता है।

बफर स्टॉक की लक्षित आपूर्ति शुरू

सरकार ने कीमतों में अनावश्यक उतार-चढ़ाव को रोकने और बाजार में पर्याप्त आपूर्ति बनाए रखने के लिए बफर स्टॉक से प्याज की कैलिब्रेटेड और लक्षित रिलीज शुरू की है।

प्याज को रेलवे और सड़क परिवहन के संयुक्त मॉडल के जरिए उन प्रमुख खपत केंद्रों तक भेजा जा रहा है जहां बाजार की स्थिति के अनुसार हस्तक्षेप की जरूरत है।

आगे प्याज की आपूर्ति की मात्रा, कवरेज और वितरण चैनलों का विस्तार बाजार में कीमतों और मांग की स्थिति को देखते हुए किया जाएगा।

₹35 प्रति किलो की दर से मिलेगा प्याज

उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए प्याज की खुदरा बिक्री ₹35 प्रति किलो की दर से की जाएगी।

यह बिक्री NCCF और NAFED के मोबाइल वैन तथा खुदरा केंद्रों के अलावा सफल (Safal) और केंद्रीय भंडार के आउटलेट्स के माध्यम से की जाएगी।

खुदरा चैनलआउटलेटमोबाइल वैन
NCCF940
NAFED1350
केंद्रीय भंडारलगभग 100

इस लक्षित खुदरा हस्तक्षेप का उद्देश्य उन क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को उचित कीमत पर प्याज उपलब्ध कराना है जहां मौसमी मांग के कारण कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है।

‘कांदा एक्सप्रेस’ से तेज होगी प्याज की आपूर्ति

‘कांदा एक्सप्रेस’ उत्पादक क्षेत्रों से प्रमुख खपत केंद्रों तक बफर प्याज पहुंचाने के लिए सरकार की एक महत्वपूर्ण लॉजिस्टिक्स पहल बनकर उभरी है।

वर्ष 2024-25 में 14 रेलवे रेक के माध्यम से करीब 12,000 टन प्याज पांच शहरों तक पहुंचाया गया था। वर्ष 2025-26 में इसका विस्तार हुआ और 86 रेलवे रेक के जरिए लगभग 88,000 टन प्याज 16 शहरों तक पहुंचाया गया।

वर्तमान वित्त वर्ष में नासिक से नई दिल्ली के लिए पहली कांदा एक्सप्रेस रवाना हो चुकी है, जो दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में प्याज की आपूर्ति करेगी।

इसके साथ ही सड़क परिवहन के माध्यम से चेन्नई, कोलकाता, एर्नाकुलम, गुवाहाटी, वाराणसी, लखनऊ, पटना, चंडीगढ़, जम्मू और अमृतसर जैसे प्रमुख खपत केंद्रों तक भी प्याज भेजा जा रहा है।

भारत का प्याज निर्यात भी मजबूत

घरेलू बाजार में बफर स्टॉक जारी किए जाने के बावजूद भारत का प्याज निर्यात मजबूत बना हुआ है।

अप्रैल-जून 2026 के दौरान भारत ने करीब 3.82 लाख टन प्याज का निर्यात किया। प्रमुख निर्यात बाजारों में मलेशिया, श्रीलंका, संयुक्त अरब अमीरात और नेपाल शामिल रहे।

सरकार के अनुसार, निर्यात का मजबूत प्रदर्शन देश में प्याज की समग्र उपलब्धता की सहज स्थिति को दर्शाता है।

579 केंद्रों पर रोजाना कीमतों की निगरानी

उपभोक्ता मामलों का विभाग देशभर के 579 केंद्रों पर 41 आवश्यक वस्तुओं की दैनिक कीमतों की निगरानी करता है। प्याज के मामले में बाजार की कीमतों के साथ-साथ आवक, उपलब्धता और मांग की स्थिति को भी देखा जाता है।

इन्हीं आंकड़ों के आधार पर यह तय किया जाता है कि बफर स्टॉक से प्याज किस बाजार में, कितनी मात्रा में और किस समय जारी किया जाना चाहिए।

सरकार ने कहा है कि वह राज्यों में प्याज की कीमतों, आवक और उपलब्धता की लगातार निगरानी करेगी और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त हस्तक्षेप करेगी।

अन्य जरूरी खाद्य वस्तुओं की कीमतें स्थिर

सरकार के अनुसार, तुअर, चना, मसूर, उड़द और मूंग जैसी प्रमुख दालों तथा टमाटर और आलू जैसी आवश्यक सब्जियों की कीमतें फिलहाल स्थिर और सीमित दायरे में हैं।

26 अगस्त 2026 को अखिल भारतीय औसत खुदरा कीमतें:

वस्तुअखिल भारतीय औसत खुदरा कीमत
टमाटर₹38.33/किलो
आलू₹22.63/किलो
चना दाल₹86.71/किलो
आटा₹40.48/किलो
तुअर दाल₹123.30/किलो
दूध₹60.82/लीटर
प्याज₹37.87/किलो

सरकार के मुताबिक टमाटर, आलू और चना दाल की कीमतें पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में कम हैं।

किसानों और उपभोक्ताओं के हितों के बीच संतुलन

प्याज की कीमतों में मौसमी उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करना भारत के लिए उपभोक्ता हितों और किसानों को उचित मूल्य दिलाने के बीच संतुलन का विषय है।

बफर स्टॉक की खरीद, वैज्ञानिक भंडारण, लक्षित बाजार हस्तक्षेप और बेहतर लॉजिस्टिक्स के जरिए सरकार का उद्देश्य उपभोक्ताओं को उचित कीमत पर प्याज उपलब्ध कराने के साथ किसानों के हितों की भी रक्षा करना है।

आने वाले महीनों में प्याज की आवक, कीमतों और मांग की लगातार निगरानी के आधार पर बफर स्टॉक की आपूर्ति का स्तर और बाजारों का दायरा तय किया जाएगा।

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