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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

गन्ने की फसल पर संकट: उत्पादन घटने से निर्यात पर संकट के बादल

15 जनवरी 2025, नई दिल्ली: गन्ने की फसल पर संकट: उत्पादन घटने से निर्यात पर संकट के बादल –  भारत में गन्ने की फसल इस बार गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। गन्ने में फैल रहे रेड रोट रोग और बीते साल के शुष्क मौसम ने देश के चीनी उत्पादन पर गहरा प्रभाव डाला है।

विशेषज्ञों के अनुसार, एथेनॉल निर्माण के बाद, 2024-25 में चीनी उत्पादन घटकर 276 लाख टन तक सीमित रहने का अनुमान है, जो बीते साल की तुलना में 44 लाख टन कम है। इंडियन शुगर ऐंड बॉयो एनर्जी मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन का भी यह अनुमान है कि उत्पादन इस बार अपेक्षाओं से कम रहेगा। श्रीरेणुका शुगर्स लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक रवि गुप्ता ने चिंता जताई है कि उत्तर प्रदेश में रेड रोट रोग और महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति ने उत्पादन को बुरी तरह प्रभावित किया है।

निर्यात पर भी छाया संकट

2019-20 के बाद यह सबसे कम उत्पादन हो सकता है, जो घरेलू खपत को भी पूरा करने में कठिनाई खड़ी करेगा। यह स्थिति भारत के चीनी निर्यात पर प्रतिबंध बढ़ाने की संभावना को भी जन्म देती है, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर असर पड़ सकता है।

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उत्तर प्रदेश के प्रमुख किसान अयाज अख्तर ने बताया कि रेड रोट रोग के कारण उन्होंने गन्ने का रकबा घटा दिया है और अब आलू की खेती शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि इस रोग का कोई प्रभावी समाधान न मिलने से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

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सरकार और विशेषज्ञों को इस समस्या का समाधान जल्द खोजना होगा, ताकि उत्पादन में सुधार हो सके और निर्यात की संभावनाएं फिर से उज्जवल हो सकें।

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