घटिया बीजों की बिक्री पर प्रभावी रोक लगाने के सख्त कानूनी कदम
09 फरवरी 2026, नई दिल्ली: घटिया बीजों की बिक्री पर प्रभावी रोक लगाने के सख्त कानूनी कदम – कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने राज्य सभा में बताया कि देश में बीज की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और नकली एवं घटिया बीजों की बिक्री पर प्रभावी रोक लगाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा सख्त कानूनी और डिजिटल कदम उठाए जा रहे हैं। बीज अधिनियम, 1966, बीज नियम, 1968 और बीज (नियंत्रण) आदेश, 1983 के तहत राज्य सरकारों को बीज निरीक्षकों की नियुक्ति का अधिकार प्राप्त है, जो बीज विक्रय केंद्रों की नियमित जांच कर सकते हैं।
इन प्रावधानों के तहत बीज निरीक्षक बीज केंद्रों से सैंपल ले सकते हैं और नियमों के उल्लंघन की स्थिति में लाइसेंस रद्द करने, बीज स्टॉक जब्त करने, बिक्री पर रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ अभियोजन चलाने जैसी कड़ी प्रवर्तन कार्रवाई कर सकते हैं। इसका उद्देश्य किसानों को नकली बीजों से होने वाले आर्थिक नुकसान से बचाना है।
सरकार द्वारा सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एडवाइजरी जारी की जाती है ताकि मौजूदा कानूनी ढांचे का सख्ती से पालन कराया जा सके। इसके तहत बीज डीलरों और खुदरा विक्रेताओं के भंडारण और बिक्री केंद्रों पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
पारंपरिक और किसान किस्मों के संरक्षण के लिए पौधा किस्म और कृषक अधिकार संरक्षण अधिनियम, 2001 और जैव विविधता अधिनियम, 2002 के तहत पहले से ही मजबूत कानूनी प्रावधान मौजूद हैं। इन कानूनों के तहत किसानों को अपने खेत में उगाए गए बीजों को सुरक्षित रखने, उपयोग करने, बोने, पुनः बोने, विनिमय करने, साझा करने और बेचने का अधिकार प्राप्त है।
सरकार का मानना है कि सख्त कानून, डिजिटल ट्रेसिबिलिटी और किसानों के अधिकारों के संरक्षण से नकली बीजों की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा और किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराए जा सकेंगे।
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