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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

बीज उत्पादन में हो रहा अनुसंधान एवं विकासः श्री तोमर

24 मार्च 2023, नई दिल्ली: बीज उत्पादन में हो रहा अनुसंधान एवं विकासः श्री तोमर – केंद्रीय कृषि मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने 21 मार्च 2023 को  लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि नई किस्मों को विकसित करने के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) अपने 57 संस्थानों और 40 अखिल भारतीय संस्थानों के माध्यम से 45 राज्य/केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालयों में 930 से अधिक केंद्रों में संचालित समन्वित अनुसंधान परियोजनाएं/अखिल भारतीय नेटवर्क परियोजनाएं मुख्य रूप से अनाज और सब्जियों सहित विभिन्न फसलों के बीज/किस्मों के सुधार पर शोध को बढ़ावा देती हैं।

इसके अलावा, आठ विशेष परियोजनाएं जैसे नेशनल इनोवेशन ऑन क्लाइमेट रेजिलिएंट एग्रीकल्चर (एनआईसीआरए), चार कंसोर्टियम रिसर्च प्रोजेक्ट्स इनसेंटिवाइजिंग रिसर्च इन एग्रीकल्चर प्रोजेक्ट नेटवर्क प्रोजेक्ट ऑन ट्रांसलेशनल जीनोमिक्स इन क्रॉप प्लांट्स और नेशनल एग्रीकल्चरल साइंस फंड भी बीज किस्मों में जलवायु परिवर्तन अनुसंधान पर ध्यान केंद्रित करते हैं। मजबूत अनुसंधान प्रणाली के परिणामस्वरूप, 2022-23 में 323.055 मिलियन मीट्रिक टन (दूसरा अग्रिम अनुमान) और 2021-22 के दौरान 345.32 मिलियन मीट्रिक टन बागवानी फसलों का रिकॉर्ड उत्पादन हुआ है।

बीजों के निर्यात को बढ़ाने के लिए, भारत 2008 से आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (OECD) बीज योजना का सदस्य बन गया था। यह योजना ओईसीडी के दिशानिर्देशों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए उत्पादित और संसाधित बीजों के लिए लेबल और प्रमाण पत्र के उपयोग और ओईसीडी सदस्य देशों को परेशानी मुक्त निर्यात के लिए अधिकृत करती है। यह योजना अंतर्राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त लेबलों के माध्यम से तकनीकी व्यापार बाधाओं को दूर करके बीजों के निर्यात की सुविधा भी प्रदान करती है। इसके अलावा, निर्यात आयात समिति यानी एक्जिम समिति के माध्यम से कृषि और किसान कल्याण विभाग भी बीजों के आयात और निर्यात की सुविधा प्रदान करता है।

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