राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

देश में रिकॉर्ड खाद्यान्न उत्पादन, 3765.63 लाख टन पहुंचने का अनुमान; कृषि मंत्री शिवराज ने जारी किए तीसरे अग्रिम अनुमान    

28 मई 2026, नई दिल्ली: देश में रिकॉर्ड खाद्यान्न उत्पादन, 3765.63 लाख टन पहुंचने का अनुमान; कृषि मंत्री शिवराज ने जारी किए तीसरे अग्रिम अनुमान –  देश में कृषि क्षेत्र ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। वर्ष 2025-26 के लिए प्रमुख कृषि फसलों के तीसरे अग्रिम अनुमान के अनुसार देश का कुल खाद्यान्न उत्पादन 3765.63 लाख टन रहने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष के 3577.32 लाख टन की तुलना में लगभग 188 लाख टन यानी 5.3 प्रतिशत अधिक है। यह अब तक का सर्वाधिक अनुमानित खाद्यान्न उत्पादन बताया गया है।

कृषि मंत्री ने जारी किए तीसरे अग्रिम अनुमान

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यह तीसरा अग्रिम अनुमान जारी करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, जिसका सकारात्मक परिणाम अब रिकॉर्ड उत्पादन के रूप में सामने आ रहा है।

उन्होंने बताया कि यह आंकड़े देश में कृषि उत्पादन की मजबूत स्थिति और किसानों की मेहनत का परिणाम हैं।

मुख्य फसलों में रिकॉर्ड और बढ़ोतरी

जारी अनुमान के अनुसार प्रमुख फसलों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

* चावल उत्पादन: 1540.24 लाख टन (पिछले वर्ष से 38.40 लाख टन अधिक)
* गेहूं उत्पादन: 1206.57 लाख टन (27.12 लाख टन की वृद्धि)
* मक्का उत्पादन: 550.93 लाख टन (116.84 लाख टन की बढ़ोतरी, रिकॉर्ड स्तर)

श्री अन्न का उत्पादन 175.84 लाख टन और पोषक एवं मोटे अनाजों का कुल उत्पादन 744.72 लाख टन अनुमानित है। दलहन फसलों में चना 125.14 लाख टन, मसूर 17.62 लाख टन और तूर 35.92 लाख टन अनुमानित है।

तिलहन और वाणिज्यिक फसलों में भी मजबूती

तिलहन उत्पादन कुल 430.59 लाख टन अनुमानित है। इसमें मूंगफली 130.74 लाख टन, सोयाबीन 125.96 लाख टन और रेपसीड एवं सरसों 137.68 लाख टन के साथ अच्छा प्रदर्शन दर्ज किया गया है।

गन्ना उत्पादन 5000.63 लाख टन के साथ रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने का अनुमान है। कपास 290.24 लाख गांठें और जूट 91.76 लाख गांठें अनुमानित हैं।

कृषि क्षेत्र में तकनीक और अनुसंधान की भूमिका

कृषि मंत्री ने कहा कि इस बढ़ोतरी में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) और उसके संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। क्लाइमेट-रेज़िलिएंट किस्मों, उन्नत बीज तकनीक और वैज्ञानिक शोध ने उत्पादन बढ़ाने में मदद की है।

उन्होंने बताया कि विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत वैज्ञानिकों और किसानों के बीच सीधा संवाद स्थापित किया गया, जिससे खेती को नई दिशा मिली है।

नई किस्मों और तकनीक से बढ़ा उत्पादन

सरकारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025–26 में 339 फसल किस्में जारी की गईं। साथ ही बेहतर बीज उत्पादन, मृदा एवं जल प्रबंधन, जलवायु-स्मार्ट कृषि और डिजिटल तकनीकों के उपयोग से कृषि क्षेत्र में लगातार सुधार दर्ज किया जा रहा है। सरकार का कहना है कि यह रिकॉर्ड उत्पादन देश की खाद्य सुरक्षा, किसान समृद्धि और कृषि अर्थव्यवस्था की मजबूती का संकेत है।

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