राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार 2026: डेयरी किसानों को मिलेगा ₹5 लाख तक का पुरस्कार, 10 अगस्त से नामांकन शुरू
11 अगस्त 2026, नई दिल्ली: राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार 2026: डेयरी किसानों को मिलेगा ₹5 लाख तक का पुरस्कार, 10 अगस्त से नामांकन शुरू – पशुपालन और डेयरी क्षेत्र में उत्कृष्ट काम करने वाले किसानों, डेयरी सहकारी समितियों, दूध उत्पादक कंपनियों, किसान उत्पादक संगठनों (FPO) और कृत्रिम गर्भाधान तकनीशियनों (AIT) को प्रोत्साहित करने के लिए राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार 2026 के लिए नामांकन आमंत्रित किए गए हैं। राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत दिए जाने वाले इन पुरस्कारों के लिए ऑनलाइन आवेदन 10 अगस्त 2026 से शुरू होंगे, जबकि नामांकन की अंतिम तारीख 10 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है।
स्वदेशी गोवंश के संरक्षण को बढ़ावा
मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के अंतर्गत पशुपालन और डेयरी विभाग देश में पशुपालन और डेयरी क्षेत्र के विकास के साथ किसानों को सतत आजीविका उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न योजनाएं चला रहा है। इसी दिशा में राष्ट्रीय गोकुल मिशन (RGM) को दिसंबर 2014 में शुरू किया गया था।
इस मिशन का उद्देश्य देश की स्वदेशी गोवंशीय नस्लों का वैज्ञानिक तरीके से संरक्षण और विकास करना है। स्वदेशी नस्लों की आनुवंशिक क्षमता का उपयोग कर दूध उत्पादन बढ़ाने और पशुपालकों की आय में सुधार पर भी जोर दिया जाता है।
3 प्रमुख श्रेणियों में होंगे पुरस्कार
राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार 2026 के लिए मुख्य रूप से तीन श्रेणियों में नामांकन मांगे गए हैं। इनमें स्वदेशी गाय और भैंस नस्लों का पालन करने वाले सर्वश्रेष्ठ डेयरी किसान, सर्वश्रेष्ठ डेयरी सहकारी समिति (DCS), दूध उत्पादक कंपनी (MPC) और डेयरी किसान उत्पादक संगठन (FPO), सर्वश्रेष्ठ कृत्रिम गर्भाधान तकनीशियन (AIT) शामिल हैं। इसके अलावा उत्तर-पूर्वी क्षेत्र (NER) और हिमालयी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में डेयरी विकास गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष पुरस्कार का भी प्रावधान किया गया है।
डेयरी किसानों को मिलेंगे ₹5 लाख तक
राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार 2026 में सर्वश्रेष्ठ डेयरी किसान और सर्वश्रेष्ठ DCS/FPO/MPC श्रेणियों में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान हासिल करने वालों को नकद पुरस्कार के साथ प्रशस्ति प्रमाणपत्र और स्मृति चिह्न दिया जाएगा। पुरस्कार राशि इस प्रकार है:-
- प्रथम स्थान: ₹5 लाख
- द्वितीय स्थान: ₹3 लाख
- तृतीय स्थान: ₹2 लाख
- NER और हिमालयी राज्यों के लिए विशेष पुरस्कार: ₹2 लाख
वहीं, सर्वश्रेष्ठ कृत्रिम गर्भाधान तकनीशियन (AIT) श्रेणी में प्रशस्ति प्रमाणपत्र और स्मृति चिह्न दिया जाएगा। इस श्रेणी में कोई नकद पुरस्कार नहीं दिया जाएगा।
10 अगस्त से शुरू होगा ऑनलाइन आवेदन
राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार 2026 के लिए नामांकन 10 अगस्त 2026 से केवल राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन किए जा सकेंगे। आवेदन की अंतिम तारीख 10 सितंबर 2026 है। पात्रता, आवश्यक दस्तावेज, श्रेणीवार नियम और अन्य दिशानिर्देशों की जानकारी के लिए आवेदक राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल awards.gov.in और पशुपालन एवं डेयरी विभाग की वेबसाइट dahd.nic.in पर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
राष्ट्रीय दुग्ध दिवस पर दिए जाएंगे पुरस्कार
राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार 2026 के विजेताओं को 26 नवंबर 2026 को राष्ट्रीय दुग्ध दिवस के अवसर पर सम्मानित किया जाएगा। यह पुरस्कार डेयरी क्षेत्र में बेहतर काम करने वाले किसानों और संगठनों को पहचान देने के साथ-साथ स्वदेशी पशु नस्लों के संरक्षण, वैज्ञानिक पशुपालन और डेयरी गतिविधियों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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