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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

रबी फसल अपडेट: बुवाई क्षेत्र 655 लाख हेक्टेयर के पार

गेहूं और दलहन में वृद्धि, तिलहन में गिरावट के संकेत

28 जनवरी 2025, नई दिल्ली: रबी फसल अपडेट: बुवाई क्षेत्र 655 लाख हेक्टेयर के पार –  कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने 27 जनवरी 2025 तक रबी फसलों के बुवाई क्षेत्र के आंकड़े जारी किए हैं। इस सीजन में कुल बुवाई क्षेत्र 655.88 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया है, जो पिछले वर्ष (643.72 लाख हेक्टेयर) की तुलना में अधिक है। आइए, इस रिपोर्ट में फसलवार प्रदर्शन और प्रमुख रुझानों पर नज़र डालें।

गेहूं और चावल

इस वर्ष गेहूं की बुवाई 324.38 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में हुई, जो पिछले वर्ष (315.63 लाख हेक्टेयर) और सामान्य क्षेत्र (312.35 लाख हेक्टेयर) से अधिक है। चावल की बुवाई 35.15 लाख हेक्टेयर में हुई, जो पिछले वर्ष (30.38 लाख हेक्टेयर) से बेहतर प्रदर्शन है।

दलहन: सकारात्मक वृद्धि

दलहन फसलों का कुल बुवाई क्षेत्र 142.49 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया, जो पिछले वर्ष (139.29 लाख हेक्टेयर) से अधिक है।

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  • चना: 98.55 लाख हेक्टेयर में बुवाई हुई, जो पिछले वर्ष (95.87 लाख हेक्टेयर) से अधिक है।
  • मसूर: 17.43 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई हुई, लेकिन यह पिछले वर्ष (17.76 लाख हेक्टेयर) से कम है।
  • मटर: 8.94 लाख हेक्टेयर में बुवाई हुई, जो पिछले वर्ष (8.98 लाख हेक्टेयर) के लगभग समान है।

अन्य दालों, जैसे मूंग, उड़द और कुल्थी, में मिलाजुला प्रदर्शन देखने को मिला।

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श्री अन्न और मोटे अनाज: मिश्रित प्रदर्शन

मोटे अनाज के तहत कुल बुवाई क्षेत्र 55.67 लाख हेक्टेयर रहा, जो पिछले वर्ष (55.89 लाख हेक्टेयर) से थोड़ा कम है।

  • ज्वार: 24.35 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई हुई, जो पिछले वर्ष (26.6 लाख हेक्टेयर) से कम है।
  • मक्का: 23.67 लाख हेक्टेयर तक बुवाई बढ़ी है।
  • जौ: 6.62 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई हुई, जो पिछले वर्ष (6.7 लाख हेक्टेयर) से थोड़ी कम है।

तिलहन: गिरावट के संकेत

तिलहन फसलों का कुल बुवाई क्षेत्र 98.18 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया, जो पिछले वर्ष (102.52 लाख हेक्टेयर) से कम है।

  • सरसों: 89.3 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई हुई, जो पिछले वर्ष (93.73 लाख हेक्टेयर) से कम है।

अन्य तिलहन, जैसे मूंगफली, सूरजमुखी और अलसी, में भी गिरावट दर्ज की गई है।

क्रमफसलेंसामान्य क्षेत्र (डीईएस) (2018-19 – 2022-23)बोया गया क्षेत्र 27 जनवरी 2025 तक
वर्तमान वर्ष 2024-25पिछला वर्ष 2023-24
1गेहूँ312.35324.38315.63
2चावल42.0235.1530.38
3दालें140.44142.49139.29
कचना100.9998.5595.87
खमसूर15.1317.4317.76
गमटर6.58.948.98
घकुल्थी1.983.133.13
ङउड़द की दाल6.155.65.12
चमूंग की दाल1.441.271.08
छलैथिरस/ लतरी2.793.123.32
जअन्य दालें5.464.454.04
4       श्री अन्न एवं मोटे अनाज53.4655.6755.89
कज्वार बाजरे24.3724.3526.6
खबाजरा0.370.140.17
गरागी छोटे बाजरा0.740.730.68
घछोटा बाजरा0.150.160
ङमक्का जौ22.1123.6721.75
चजौ5.726.626.7
5तिलहन रेपसीड और सरसों87.0298.18102.52
करेपसीड और सरसों79.1689.393.73
खमूंगफली3.823.653.42
गकुसुम0.720.710.77
घसूरजमुखी0.810.740.43
ङतिल0.580.340.52
चअलसी1.933.073.32
छअन्य तिलहन00.380.34
कुल635.3655.88643.72


कुल मिलाकर, रबी फसलों में गेहूं और दलहन का प्रदर्शन उत्साहजनक रहा है, जबकि तिलहन और मोटे अनाज के क्षेत्रों में चुनौतियां बनी हुई हैं। मंत्रालय ने किसानों को बेहतर समर्थन देने के लिए राज्य सरकारों से अपील की है कि वे क्षेत्रीय स्तर पर सहायता सुनिश्चित करें।

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