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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

कीमतों में उतार-चढ़ाव, पीएम आशा योजना को जारी रखने की मंजूरी

20 सितम्बर 2024, इंदौर: कीमतों में उतार-चढ़ाव, पीएम आशा योजना को जारी रखने की मंजूरी – भारत सरकार ने किसानों को बेहतर मूल्य और आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में उतार-चढ़ाव को कंट्रोल करने के लिए पीएम आशा योजना को जारी रखने की मंजूरी दी है। इस सरकारी स्कीम में वित्त वर्ष 2025-26 तक 35 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे।

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि सरकार किसानों के कल्याण के लिए निरंतर बड़े कदम उठा रही है। उन्होंने ट्वीट किया कि किसानों को उनकी फसलों का लाभकारी मूल्य मिलेगा, जबकि उपभोक्ताओं को सस्ती कीमतें प्राप्त होंगी।

अरहर-मसूर के लिए नहीं लागू लिमिट

पीएम-आशा योजना में मूल्य समर्थन योजना और मूल्य स्थिरीकरण कोष को एकीकृत किया गया है। इस स्कीम के अंतर्गत 2024-25 में एमएसपी पर दलहन, तिलहन और खोपरा की खरीद 25 प्रतिशत होगा। वहीं, अरहर, उड़द और मसूर के लिए लिमिट लागू नहीं है। इनकी 100% खरीद की जाएगी।

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पोर्टल के जरिए की जाएगी खरीदी

केंद्र सरकार ने दालों, तिलहन और खोपरा की खरीद को 45 हजार करोड़ रुपये तक बढ़ा दिया है। इससे अन्नदाताओं को एमएसपी पर अधिक खरीद की सहूलियत मिलेगी। एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट द्वारा खरीद ई-समृद्धि पोर्टल और ई-संयुक्ति पोर्टल के जरिए की जाएगी।

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बफर स्टॉक में होगी मदद

पीएसएफ स्कीम का विस्तार दालों और प्याज के बफर स्टॉक को बनाए रखने में मदद करेगा, जिससे कीमतों में अत्यधिक कीमतों से उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। वहीं, केंद्र सरकार ने मूल्य घाटा भुगतान स्कीम का कवरेज बढ़ाकर 40% कर दिया है। साथ ही एमआईएस के अंतर्गत कवरेज को 25% तक बढ़ाया गया है।

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