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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

पीएम-किसान योजना: 21 किस्तों में 4.09 लाख करोड़ से अधिक की राशि किसानों के खातों में ट्रांसफर

11 मार्च 2026, भोपाल: पीएम-किसान योजना: 21 किस्तों में 4.09 लाख करोड़ से अधिक की राशि किसानों के खातों में ट्रांसफर – केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना के तहत किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। इस योजना के अंतर्गत पात्र किसानों को प्रति वर्ष 6,000 रुपये की वित्तीय सहायता तीन बराबर किस्तों में सीधे उनके आधार से जुड़े बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से दी जाती है। योजना का उद्देश्य कृषि योग्य भूमि रखने वाले किसानों की आर्थिक जरूरतों को पूरा करना और उन्हें खेती के लिए आवश्यक संसाधनों में सहयोग देना है।

केंद्र सरकार द्वारा फरवरी 2019 में शुरू की गई इस योजना के तहत अब तक किसानों को बड़ी राहत मिली है। सरकार ने योजना की शुरुआत से अब तक 21 किस्तों में देशभर के किसानों के खातों में 4.09 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे हस्तांतरित की है। किसान-केंद्रित डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण योजना का लाभ बिना किसी मध्यस्थ के पारदर्शी तरीके से किसानों तक पहुंच रहा है।

किसानों के पंजीकरण और सत्यापन की प्रक्रिया को भी सरल बनाया गया है। सरकार ने मोबाइल और वेब एप्लिकेशन के माध्यम से स्व-पंजीकरण सहित कई माध्यम उपलब्ध कराए हैं, ताकि पात्र किसान आसानी से योजना का लाभ प्राप्त कर सकें। इसके साथ ही शिकायत निवारण तंत्र भी स्थापित किया गया है, जिससे किसान भूमि या नाम से जुड़े मिलान संबंधी मुद्दों को दर्ज कर समाधान प्राप्त कर सकते हैं।

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डिजिटल माध्यम से आसान पंजीकरण व्यवस्था

सरकार ने किसानों के लिए मोबाइल और वेब प्लेटफॉर्म के माध्यम से स्व-पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराई है। इससे किसान घर बैठे ही योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं और अपनी जानकारी अपडेट कर सकते हैं।

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किसान पहचान पत्र से होगा नया पंजीकरण

पीएम-किसान योजना में नए पंजीकरण के लिए 19 राज्यों में किसान पहचान पत्र अनिवार्य किया गया है, जहां किसान पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। जिन राज्यों में यह प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है, वहां किसान बिना किसान पहचान पत्र के भी पंजीकरण करा सकते हैं।

सीएससी और सरकारी कार्यालयों से भी मिल रही सुविधा

जिन किसानों के पास मोबाइल फोन या डिजिटल साधन उपलब्ध नहीं हैं, वे सामान्य सेवा केंद्र (CSC) या ब्लॉक एवं तहसील स्तर पर स्थित राज्य सरकार के कार्यालयों के माध्यम से भी योजना का लाभ ले सकते हैं।

यह जानकारी केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने बुधवार को लोकसभा में एक लिखित प्रश्न के उत्तर में दी।

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