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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)सरकारी योजनाएं (Government Schemes)

PM-AASHA: किसानों को फसल की सही कीमत की गारंटी देती है ये योजना, जानिए कैसे करें आवेदन

02 सितम्बर 2025, नई दिल्ली: PM-AASHA: किसानों को फसल की सही कीमत की गारंटी देती है ये योजना, जानिए कैसे करें आवेदन – खेती-बाड़ी से जुड़े किसानों के लिए सबसे बड़ी चिंता हमेशा से यही रही है कि फसल का सही और लाभकारी दाम कैसे मिले? किसानों की इसी समस्या को दूर करने के लिए भारत सरकार ने साल 2018 में प्रधानमंत्री-आशा (PM-AASHA) योजना की शुरुआत की। इस योजना का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को उनकी फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) मिल सके और उन्हें बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव से कोई नुकसान न हो।

क्या है PM-AASHA योजना?

PM-AASHA यानी “प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान”। यह योजना तीन प्रमुख घटकों पर आधारित है:
1. प्राइस सपोर्ट स्कीम (PSS)
2. भावांतर भुगतान योजना (PDPS)
3. प्राइवेट प्रोक्योरमेंट एंड स्टॉकिस्ट स्कीम (PPPS)

इन तीनों के जरिए यह सुनिश्चित किया जाता है कि किसानों को या तो MSP पर फसल बेचने का मौका मिले या बाजार मूल्य और MSP के अंतर की राशि सरकार द्वारा सीधे बैंक खाते में दी जाए।

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योजना के मुख्य लाभ:

1. किसानों को MSP की गारंटी मिलती है।
2. फसल की बिक्री के बाद पैसा सीधे बैंक खाते में भेजा जाता है।
3. बाजार मूल्य गिरने पर भी नुकसान नहीं होता।
4. किसानों को आर्थिक सुरक्षा और खेती में आत्मनिर्भरता मिलती है।
5. फसल की खरीद प्रक्रिया में निजी क्षेत्र को भी शामिल किया गया है, जिससे विकल्प बढ़ते हैं।

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कैसे उठाएं योजना का लाभ?

किसानों को पीएम-आशा  योजना का लाभ लेने के लिए कुछ आसान से काम करने होते हैं। यह योजना तीन अहम घटकों में बंटी है—

1. प्राइस सपोर्ट स्कीम (PSS) – इस योजना के तहत, सरकार निर्धारित MSP पर प्रत्यक्ष खरीद करती है। किसान को बस अपनी उपज का पंजीकरण राज्य सरकार, कृषि मंडी या अधिकृत केंद्र पर कराना होता है। अगर सरकार उस फसल की खरीद कर रही है, तो किसान सीधे सरकारी केंद्र पर बेच सकते हैं।

2. भावांतर भुगतान योजना (PDPS) – अगर किसी फसल की सरकारी खरीद नहीं हो रही, तो भी किसान को MSP और बाजार भाव के अंतर की राशि दी जाती है। हालांकि, इसके लिए किसान को मंडी में फसल बेचने की रसीद प्रस्तुत करनी होगी।

3. प्राइवेट प्रोक्योरमेंट पायलट स्कीम (PPPS) – कुछ राज्यों में सरकार ने निजी कंपनियों को भी MSP पर खरीद की अनुमति दी है। इससे किसानों के पास सरकारी केंद्र के अलावा भी विकल्प होता है।

आवेदन कैसे करें?

1. पंजीकरण जरूरी है – किसान को अपनी फसल का पंजीकरण राज्य सरकार के पोर्टल, कृषि उपज मंडी या अधिकृत केंद्र पर करना होता है।
2. आवश्यक दस्तावेज: आधार कार्ड, जमीन के दस्तावेज, बैंक खाता विवरण, और फसल संबंधित विवरण शामिल है।
3. ऑनलाइन सुविधा: कई राज्य सरकारें फसल पंजीकरण और योजना आवेदन की सुविधा ऑनलाइन पोर्टल या CSC केंद्रों के माध्यम से देती हैं।
4. बिक्री के बाद: सरकारी खरीद या भावांतर भुगतान के तहत MSP राशि सीधे किसान के बैंक खाते में भेजी जाती है।

किस फसल के लिए मिल सकता है लाभ?

यह योजना मुख्य रूप से खरीफ और रबी सीजन की उन फसलों के लिए लागू होती है जिनका MSP केंद्र सरकार द्वारा घोषित किया जाता है। जैसे: गेहूं, धान, बाजरा, चना, तुअर, मूंग, उड़द, सरसों, कपास आदि।

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