राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

भारत में प्याज की बुवाई लगभग 8% बढ़ी, आलू क्षेत्र में 22.9% की बढ़ोतरी — केंद्र ने कहा, बुवाई लक्ष्य के अनुसार जारी

14 अक्टूबर 2025, नई दिल्ली: भारत में प्याज की बुवाई लगभग 8% बढ़ी, आलू क्षेत्र में 22.9% की बढ़ोतरी — केंद्र ने कहा, बुवाई लक्ष्य के अनुसार जारी – केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज कृषि क्षेत्र की प्रगति की समीक्षा के लिए उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में खरीफ फसलों की स्थिति, रबी बुवाई की तैयारी, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फसलों की स्थिति, मूल्य रुझान, खाद उपलब्धता और जलाशयों में जल भंडारण स्तर की समीक्षा की गई।

अधिकारियों ने बताया कि देश में कुल खरीफ क्षेत्र पिछले वर्ष की तुलना में 6.51 लाख हेक्टेयर बढ़ा है। 2024–25 में 1,114.95 लाख हेक्टेयर की तुलना में इस वर्ष अब तक कुल 1,121.46 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई हुई है।

सब्जी और कंद फसलों के रकबे में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। प्याज की बुवाई 3.62 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 3.91 लाख हेक्टेयर हो गई है, जो लगभग 8.01 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है। इसी तरह, आलू की खेती 0.35 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 0.43 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गई है, जो करीब 22.86 प्रतिशत की वृद्धि है। अधिकारियों ने बताया कि टमाटर की बुवाई भी 1.86 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 2.37 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गई है और इन फसलों की बुवाई निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप प्रगति पर है।

कृषि मंत्री ने बाढ़ प्रभावित राज्यों में फसलों की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि कुछ इलाकों में अधिक वर्षा से नुकसान हुआ है, लेकिन अधिकांश क्षेत्रों में सामान्य से बेहतर मानसून ने फसल वृद्धि को प्रोत्साहित किया है, जिससे रबी फसलों की बुवाई और उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।

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अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में चावल और गेहूं का भंडार स्तर निर्धारित बफर मानकों से अधिक है, जिससे देश में खाद्यान्न की आपूर्ति स्थिति स्थिर बनी हुई है। वहीं देश के 161 प्रमुख जलाशयों में जल भंडारण पिछले वर्ष की तुलना में 103.51% और पिछले दस वर्षों के औसत की तुलना में 115% है, जो आगामी बुवाई सीजन के लिए एक सकारात्मक संकेत है।

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श्री चौहान ने बैठक में उर्वरक की उपलब्धता पर विशेष जोर दिया और अधिकारियों को निर्देश दिया कि आगामी सीजन में खाद की आपूर्ति निर्बाध और समय पर सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि राज्यों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखते हुए उर्वरक की वास्तविक आवश्यकता का आकलन और पूर्ति की जाए।

बैठक में यह भी उल्लेख किया गया कि प्याज और आलू की बुवाई में हुई वृद्धि, जलाशयों में पर्याप्त जल भंडारण और खाद्यान्न के स्थिर भंडार स्तरदेश को 2025–26 की रबी फसलों और संपूर्ण खाद्य सुरक्षा के लिए मजबूत स्थिति में रख रहे हैं।

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