राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

किसान क्रेडिट कार्ड से कृषि क्षेत्र में बढ़ रहा एनपीए, वित्त विशेषज्ञों ने सावधानी बरतने को कहा  

15 जनवरी 2024, नई दिल्ली: किसान क्रेडिट कार्ड से कृषि क्षेत्र में बढ़ रहा एनपीए, वित्त विशेषज्ञों ने सावधानी बरतने को कहा – किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के माध्यम से किसानों को दिए जाने वाले कृषि ऋण में तेजी से वृध्दि हो रही हैं। कृषि ऋण में वृद्धि भारत के सरकारी बैंकों के लिए एक जोखिम के रूप में उभर सकती है। इसलिए बैंकों को ऋण देने में सावधानी बरतने की जरूरत हैं। 

केसीसी योजना 1998 में शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य किसानों को कृषि इनपुट खरीदने और उनकी उत्पादन जरूरतों को पूरा करने के लिए नकदी प्रदान करना है।

हाल के वर्षों में कृषि ऋणों में गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (एनपीए) में उल्लेखनीय उछाल के बाद विशेषज्ञों द्वारा सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। कृषि ऋण का एक बड़ा हिस्सा केसीसी योजना के माध्यम से वितरित किया जाता है।

ऐसे ऋणों का पुनर्भुगतान चक्र ऐसा होता है कि अवधि के अंत में किसान ऋण का केवल कुछ हिस्सा ही चुका पाते हैं, ऋण की पूरी राशि नहीं। दूसरे शब्दों में, इन ऋणों को प्रारंभिक कार्यकाल की समाप्ति के बाद आगे बढ़ाया जाता है। विशेषज्ञों ने कहा कि कृषि क्षेत्र को ऋण देने में हमेशा सतर्क रुख अपनाने की जरूरत होती है क्योंकि इसके गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) में बदलने की संभावना अधिक होती है। किसी ऋण को एनपीए तब घोषित किया जाता है जब 90 दिनों तक ब्याज या मूलधन का भुगतान नहीं किया जाता है।

Advertisement
Advertisement
कृषि क्षेत्र में बढ़ रहा एनपीए 

आरबीआई की फाइनेशियल स्टेबिलिटी रिपोर्ट के मुताबिक, बैंको के कृषि कर्ज का ग्रॉस एनपीए 7 प्रतिशत पर पहुंच गया हैं। कुल एनपीए में कृषि क्षेत्र की हिस्सेदारी 26.9 प्रतिशत हैं। वही पर्सनल लोन का ग्रॉस एनपीए 1.3 प्रतिशत हैं। कुल एनपीए में इस सेक्टर की हिस्सदारी 12.9 प्रतिशत हैं। 

Advertisement
Advertisement

5 करोड़ से ज्यादा कर्ज लेने वाले बड़े कर्जदाताओं की कुल कर्ज में हिस्सेदारी 44.5 प्रतिशत पर ग्रॉस एनपीए में हिस्सेदारी 51.8 प्रतिशत हैं। 

केसीसी कैसे काम करता है?

बैंक एक क्रेडिट कार्ड सह पासबुक जारी करते हैं जिसमें ग्राहक की भूमि जोत, पता, क्रेडिट सीमा और वैधता का विवरण होता है। केसीसी किसानों को बीज, उर्वरक, कीटनाशक, बिजली और डीजल शुल्क आदि जैसे फसल संबंधी खर्चों का ख्याल रखने के लिए नकद ऋण की अनुमति देता है। यह उपकरण खरीदने, भूमि विकास और ड्रिप सिंचाई जैसी संबद्ध गतिविधियों के लिए टर्म क्रेडिट भी प्रदान करता है। 

Advertisements
Advertisement
Advertisement

(कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें)

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्राम)

Advertisements
Advertisement
Advertisement