राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

अब मोबाइल बताएगा मिट्टी की सेहत, किसानों के लिए सरकार जल्द लॉन्च करेगी नया ऐप

02 जुलाई 2026, नई दिल्ली: अब मोबाइल बताएगा मिट्टी की सेहत, किसानों के लिए सरकार जल्द लॉन्च करेगी नया ऐप – किसानों को खेती से जुड़ी जानकारी डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराने की दिशा में केंद्र सरकार जल्द एक नया मोबाइल ऐप लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। इस ऐप की मदद से किसान अपने खेत की मिट्टी में मौजूद पोषक तत्वों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे और यह भी जान सकेंगे कि फसल के लिए कितनी मात्रा में उर्वरक का उपयोग करना चाहिए। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हरियाणा के रेवाड़ी जिले के बावल में आयोजित ‘खेत बचाओ अभियान’ के समापन समारोह में इसकी जानकारी दी।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार ऐसी तकनीक पर काम कर रही है, जिससे किसान अपने मोबाइल में ऐप डाउनलोड कर खेत में खड़े-खड़े ही मिट्टी की स्थिति की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। ऐप किसानों को बताएगा कि मिट्टी में कौन-कौन से पोषक तत्व मौजूद हैं और अच्छी पैदावार के लिए कितनी मात्रा में उर्वरक का इस्तेमाल करना चाहिए। उन्होंने किसानों से तकनीक का अधिक से अधिक उपयोग करने और संतुलित मात्रा में खाद डालने की अपील की।

मिट्टी की जांच होगी और आसान

वर्तमान में किसानों को मिट्टी की गुणवत्ता की जानकारी सॉइल हेल्थ कार्ड के माध्यम से दी जाती है, जिसे संबंधित राज्य सरकारें जारी करती हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2026 तक देशभर में करीब 26 करोड़ सॉइल हेल्थ कार्ड जारी किए जा चुके हैं। नया मोबाइल ऐप इस प्रक्रिया को और अधिक आसान तथा डिजिटल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

जरूरत से ज्यादा यूरिया और डीएपी के इस्तेमाल से बचने की सलाह

केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि यूरिया और डीएपी जैसे रासायनिक उर्वरकों का जरूरत से ज्यादा उपयोग मिट्टी की गुणवत्ता को नुकसान पहुंचा रहा है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे बिना जरूरत के खाद का इस्तेमाल न करें और मिट्टी की आवश्यकता के अनुसार ही उर्वरक डालें।

उन्होंने कहा कि उर्वरकों और कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी की सेहत धीरे-धीरे खराब हो रही है। यदि समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो इसका असर खेती की उत्पादकता पर भी पड़ सकता है।

प्राकृतिक खेती अपनाने की भी अपील

शिवराज सिंह चौहान ने किसानों से प्राकृतिक खेती की ओर भी कदम बढ़ाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यदि वैज्ञानिक तरीके और सही प्रबंधन के साथ प्राकृतिक खेती की जाए तो उत्पादन में कोई कमी नहीं आती। इससे मिट्टी की उर्वरता भी बनी रहती है और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होती है।

हरियाणा के किसानों की सराहना

कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ने कृषि क्षेत्र में हरियाणा के योगदान की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य में 24 फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) दिया जा रहा है और ‘भावांतर भरपाई योजना’ के माध्यम से बागवानी फसलों के किसानों को भी उनकी उपज का उचित मूल्य मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि हरियाणा जैसे राज्यों के किसानों की मेहनत से देश का अनाज भंडार मजबूत हुआ है। भारत आज चावल उत्पादन में दुनिया में पहला स्थान हासिल कर चुका है और इस उपलब्धि में हरियाणा के किसानों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी मौजूद रहे। केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य आधुनिक तकनीक के जरिए खेती को अधिक लाभकारी, टिकाऊ और वैज्ञानिक बनाना है, ताकि किसानों की लागत कम हो और उत्पादन में वृद्धि हो सके।

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