राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

अब हर घर से निकलेगी उद्यमी दीदी, 3 करोड़ ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य: शिवराज सिंह चौहान

16 अगस्त 2025, नई दिल्ली: अब हर घर से निकलेगी उद्यमी दीदी, 3 करोड़ ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य: शिवराज सिंह चौहान – केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि अब समय आ गया है जब हर घर से एक ‘उद्यमी दीदी’ निकलेगी। सरकार का लक्ष्य है कि देश में 3 करोड़ महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाया जाए, और यह लक्ष्य समय से पहले ही पूरा कर लिया जाएगा। वे दिल्ली में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद परिसर में आयोजित “आत्मनिर्भरता में उत्कृष्टता: सर्वश्रेष्ठ CLF पुरस्कार एवं स्वतंत्रता दिवस अभिनंदन समारोह” को संबोधित कर रहे थे।

दीदियों ने रचा महिला सशक्तिकरण का नया अध्याय

कार्यक्रम में देशभर से आईं दीनदयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) की दीदियों का केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्वागत किया और उनके उल्लेखनीय कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन महिलाओं ने गांव-गांव में सशक्तिकरण की नई मिसाल कायम की है।

उन्होंने कहा कि पहले महिला और पुरुष के बीच भेदभाव की सोच थी, लेकिन आज महिलाएं समाज में बदलाव ला रही हैं। उन्होंने सभी दीदियों से अपील की कि वे SHGs (Self Help Groups) से और भी महिलाओं को जोड़ें, नशामुक्ति अभियान चलाएं, स्वदेशी वस्तुओं को अपनाएं, और बेटियों की शिक्षा और अच्छे संस्कारों पर जोर दें।

लखपति दीदी से अब उद्यमी दीदी की ओर

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि लखपति दीदी का सपना अब साकार हो रहा है, लेकिन इससे आगे बढ़ते हुए सरकार चाहती है कि अब हर दीदी एक उद्यमी बने। उन्होंने कहा, “हमें यहां नहीं रुकना है। अब हमें दीदियों को रोजगार देने वाली, प्रेरक उद्यमी बनाना है।”

देशभर की दीदियों ने साझा की अपनी सफलता की कहानी

इस खास अवसर पर विभिन्न राज्यों से आईं लखपति दीदियों ने मंच से अपने अनुभव साझा किए। मध्यप्रदेश की स्वरूपा मीणा दीदी ने बताया कि अब वे ड्रोन पायलट के रूप में जानी जाती हैं और मिशन से जुड़ने के बाद उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया है।

महाराष्ट्र की रूपाली दीदी ने कहा कि अब वे आर्थिक रूप से स्वतंत्र हैं और आजीविका मिशन ने उन्हें नई पहचान दी है। आंध्र प्रदेश की जानी बेगम दीदी ने कहा, “आज हमारे पतियों की पहचान हम दीदियों से है, यह मिशन की सबसे बड़ी सफलता है।” तेलंगाना की सौम्या दीदी और मेघालय से आई एक दीदी ने बताया कि उन्होंने कैसे आजीविका मिशन के ज़रिए आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाया।

आजीविका मिशन बना गांवों में बदलाव की ताकत

ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी ने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ने गांवों में बदलाव की लहर ला दी है। महिलाओं ने खुद को साबित कर दिखाया है कि वे देश की तरक्की में अहम भूमिका निभा रही हैं।

राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने कहा कि जब तक गांवों का विकास नहीं होगा, देश का संपूर्ण विकास संभव नहीं। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार को बढ़ावा देकर प्रधानमंत्री श्री मोदी ने आत्मनिर्भर भारत की नींव रखी है।

10 करोड़ महिलाएं बना रहीं आत्मनिर्भर भारत

ग्रामीण विकास मंत्रालय के सचिव शैलेश कुमार सिंह ने कहा कि आजीविका मिशन से ग्रामीण भारत की महिलाएं बदलाव और विकास की वाहक बन रही हैं। सामुदायिक क्लस्टर्स अब आत्मनिर्भरता का प्रतीक हैं।

अपर सचिव अनिल कुमार टी. के. ने बताया कि देश में 91 लाख SHGs हैं, जिनसे करीब 10 करोड़ महिलाएं जुड़ी हैं। ये महिलाएं अपने-अपने गांव में आत्मनिर्भरता की एक नई कहानी लिख रही हैं।

CLF पुरस्कार से सम्मानित हुईं दीदियाँ

इस कार्यक्रम में DAY-NRLM के तहत चुने गए बेहतरीन सामुदायिक क्लस्टर्स को ‘सर्वश्रेष्ठ CLF पुरस्कार’ भी प्रदान किया गया। यह पुरस्कार उन क्लस्टर्स को दिया गया जिन्होंने आजीविका मिशन के तहत बेहतर काम किया और स्थानीय महिलाओं को सशक्त किया।

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