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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

उत्तर क्षेत्र कृषि सम्मेलन: खेती के भविष्य पर लखनऊ में बड़ा मंथन, वैज्ञानिक शोध व आधुनिक तकनीक को खेत तक पहुंचाने पर जोर  

24 अप्रैल 2026, नई दिल्ली: उत्तर क्षेत्र कृषि सम्मेलन: खेती के भविष्य पर लखनऊ में बड़ा मंथन, वैज्ञानिक शोध व आधुनिक तकनीक को खेत तक पहुंचाने पर जोर – लखनऊ में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा आयोजित उत्तर क्षेत्र कृषि सम्मेलन में खेती के भविष्य, कृषि विकास की नई रणनीति और किसान-केंद्रित नीतियों पर व्यापक मंथन हुआ। उद्घाटन सत्र में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कृषि क्षेत्र को नई दिशा देने पर जोर दिया। दोनों नेताओं ने कहा कि वैज्ञानिक शोध को सीधे खेत तक पहुंचाना और किसानों तक योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना समय की आवश्यकता है।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अब देश में जोनल स्तर पर कृषि सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं ताकि हर क्षेत्र की जलवायु, मिट्टी और फसल प्रणाली के अनुसार अलग-अलग रणनीति बनाई जा सके। उन्होंने उत्तर क्षेत्र को कृषि के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश जैसे राज्य खाद्यान्न उत्पादन में अहम भूमिका निभाते हैं, जबकि हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर बागवानी क्षेत्र में विशेष पहचान रखते हैं।

कृषि विकास के तीन प्रमुख लक्ष्य

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश के सामने तीन प्रमुख लक्ष्य हैं—खाद्य सुरक्षा, किसान की आय में वृद्धि और पोषणयुक्त आहार की उपलब्धता। उन्होंने कहा कि इन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए उत्पादन बढ़ाना, लागत घटाना और कृषि विविधीकरण को बढ़ावा देना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि बदलते मौसम और कम बारिश जैसी चुनौतियों को देखते हुए अब खेती की योजना पुराने तरीके से नहीं बनाई जा सकती।

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उर्वरक उपयोग और बीज गुणवत्ता पर जोर

शिवराज सिंह चौहान ने उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग पर चिंता जताते हुए संतुलित खेती, प्राकृतिक खेती और जैविक विकल्पों को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अच्छे बीज खेती की नींव हैं और जलवायु के अनुरूप बीजों की उपलब्धता बढ़ाना अनिवार्य है। साथ ही नकली खाद, पेस्टिसाइड और बीज की समस्या पर सख्त कार्रवाई की आवश्यकता बताई गई।

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किसान आईडी, क्रेडिट कार्ड और नवाचार पर फोकस

सम्मेलन में किसान आईडी और किसान क्रेडिट कार्ड को कृषि सेवाओं को सरल बनाने में महत्वपूर्ण बताया गया। साथ ही विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत वैज्ञानिकों और किसानों के सीधे संवाद पर जोर दिया गया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि छोटे किसानों के लिए इंटीग्रेटेड फार्मिंग मॉडल बेहद उपयोगी है, जिसमें पशुपालन, बागवानी, मत्स्यपालन और मधुमक्खी पालन जैसी गतिविधियों को जोड़कर आय बढ़ाई जा सकती है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संबोधन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि क्षेत्रीय स्तर पर कृषि सम्मेलन आयोजित करना एक व्यावहारिक और परिणाममुखी पहल है। उन्होंने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्रों की सक्रियता से किसानों और वैज्ञानिकों के बीच सीधा संवाद बढ़ा है, जिससे नई तकनीकों का वास्तविक उपयोग संभव हो रहा है।

कृषि को बाजार और तकनीक से जोड़ने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि केवल उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आय, तकनीक और बाजार से जुड़ा विषय है। उन्होंने फूड प्रोसेसिंग, वैल्यू एडिशन और मांग आधारित उत्पादन को बढ़ावा देने पर जोर दिया, ताकि किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सके और वे कृषि उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ सकें।

सम्मेलन में रहे कई राज्यों के कृषि मंत्री और विशेषज्ञ मौजूद

इस सम्मेलन में केंद्रीय राज्य मंत्री, विभिन्न राज्यों के कृषि मंत्री, कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, वैज्ञानिक और किसान प्रतिनिधि शामिल हुए। सभी ने मिलकर कृषि क्षेत्र में नवाचार, तकनीक और नीतिगत सुधारों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया और भविष्य की रणनीति पर सहमति जताई।

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