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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

फसल अवशेष और पराली जलाने के प्रबंधन के लिए केंद्र सरकार द्वारा उपाय

12 दिसम्बर 2022, नई दिल्ली: फसल अवशेष और पराली जलाने के प्रबंधन के लिए केंद्र सरकार द्वारा उपाय – 2018-19 से ‘पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली के एनसीटी राज्यों में फसल अवशेषों के इन-सीटू प्रबंधन के लिए कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने’ पर एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना लागू की जा रही है।

इस योजना में  पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली  एनसीटी के वायु प्रदूषण को उचित तरीके से निपटाने  और फसल अवशेषों के इन-सीटू प्रबंधन के लिए आवश्यक मशीनरी को सब्सिडी देने का प्रावधान रखा गया है।

इस योजना के तहत फसल अवशेष प्रबंधन मशीनरी की खरीद के लिए किसानों को मशीनरी की लागत का 50% की दर से वित्तीय सहायता दी  जाती है। साथ ही, फसल अवशेष प्रबंधन मशीनरी के कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना के लिए किसानों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) और पंचायतों की सहकारी समितियों को परियोजना लागत के 80% की दर से वित्तीय सहायता दी  जाती है।

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2018-19 से 2022-23 की अवधि के दौरान, इन राज्यों के लिए 3,138.17 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है। 39,000 से अधिक कस्टम हायरिंग सेंटर (सीएचसी) स्थापित किए गए हैं और इन सीएचसी और इन चार राज्यों के व्यक्तिगत किसानों को 2.30 लाख से अधिक फसल अवशेष प्रबंधन मशीनों की सप्लाई भी की  की गई है।

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पूसा बायो डीकंपोजर

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने धान के पुआल के तेजी से अपघटन के लिए पूसा बायो-डीकंपोजर, फफूंद प्रजातियों (तरल और कैप्सूल दोनों रूपों में) का एक माइक्रोबियल कंसोर्टियम विकसित किया है। इस कंसोर्टियम के उपयोग से धान की पराली के खेत में ही तेजी से सड़ जाती है।

कोयला आधारित बिजली संयंत्रों में को-फायरिंग

विद्युत मंत्रालय द्वारा  “कोयला आधारित बिजली संयंत्रों में को-फायरिंग के माध्यम से बिजली उत्पादन के लिए बायोमास उपयोग के लिए संशोधित नीति” लाई गई है, जो कोयला आधारित बिजली संयंत्रों में कोयले के साथ 5-7% उपयुक्त बायोमास पेलेट को उपयोग में लाने के लिए  अनिवार्य करता है।

नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने बायोएनेर्जी कार्यक्रम को अधिसूचित किया है जो बायोमास और अन्य अपशिष्ट पदार्थों को ऊर्जा के अन्य उपयोगी रूपों में बदलने को बढ़ावा देता है।

दूसरी पीढ़ी (2जी) इथेनॉल जैव-रिफाइनरियां

ऑयल सेंट्रल पब्लिक एंटरप्राइजेज ने फीडस्टॉक के रूप में कृषि फसल अवशेषों का उपयोग करके इथेनॉल के उत्पादन के लिए दूसरी पीढ़ी (2जी) इथेनॉल जैव-रिफाइनरियों की स्थापना की है।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की किफायती परिवहन की दिशा में सतत वैकल्पिक (एसएटीएटी) पहल में वैकल्पिक, हरित परिवहन ईंधन के रूप में कंप्रेस्ड बायो-गैस (सीबीजी) उत्पन्न करने के लिए चावल के भूसे सहित बायो-मास/अपशिष्ट से आर्थिक मूल्य निकालना शामिल है।

दिसंबर 2022 में, कृषि और किसान कल्याण विभाग ने धान के पुआल के संग्रह, भंडारण, घनत्व और धान के पुआल का उपयोग करने वाली विभिन्न इकाइयों तक परिवहन के मुद्दों की जांच करने और उपयुक्त स्थानों पर आपूर्ति श्रृंखला स्थापित करने के लिए समाधान सुझाने के लिए एक समिति का गठन किया।

महत्वपूर्ण खबर: गेहूं में उर्वरकों की मात्रा एवं उनका प्रयोग

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