राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

मध्य प्रदेश ने गेंहू खरीदी मे कीर्तिमान बनाया ,पंजाब पीछे सेंट्रल पूल के लिए 382 लाख टन गेहूं का उपार्जन

मध्य प्रदेश ने गेंहू खरीदी मे कीर्तिमान बनाया ,पंजाब पीछे सेंट्रल पूल के लिए 382 लाख टन गेहूं का उपार्जन

42 लाख किसान को 73,500 करोड़ रुपये का भुगतान हुआ

20 जून 2020, भोपाल। भारतीय खाद्य निगम के महाप्रबंधक श्री अनुपम बी व्यास ने बताया कि मध्यप्रदेश ने रबी विपणन वर्ष 2020-21 मे 129 लाख मी. टन का रिकार्ड गेंहू खरीद करते हुए पंजाब को पछाड़ दिया है। राष्ट्रीय उपार्जन मे मध्यप्रदेश ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इससे भारत के अन्य राज्यों को विभिन्न योजनाओं मे गेंहू प्रदाय करने मे मध्यप्रदेश का अत्यधिक योगदान रहेगा।

सरकारी एजेंसियों द्वारा किसानों से गेहूं की खरीद दिनांक 16 जून तक एक सर्वकालिक रिकॉर्ड आंकड़े को छू चुका है, जब सेंट्रल पूल के लिए कुल खरीदी 382.4 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) तक पहुंच गया, जोकि वर्ष 2012-13 के दौरान प्राप्त 381.48 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) के पिछले रिकॉर्ड को पार कर गया है। यह कोविड -१९ महामारी के दौरान पूरा किया गया है जब पूरे देश में तालाबंदी चल रही थी।

भारतीय खाद्य निगम (FCI) की अगुवाई में राज्य सरकारों और सभी सरकारी खरीद एजेंसियों द्वारा असाधारण प्रयास किए गए हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि बिना किसी देरी और सुरक्षित तरीके से किसानों से गेहूं की खरीद की जा सके। इस वर्ष पारंपरिक केंद्रों के अतिरिक्त सभी संभावित स्थानों में उपार्जन केंद्र खोलकर खरीद केंद्रों की संख्या 14,838 से बढ़ाकर 21,869 कर दी गई। इससे मंडियों में किसानों की आवाजाही को कम करने में मदद मिली है ।

इस वर्ष मध्यप्रदेश पूरे देश मे 129 लाख मी.टन गेंहू उपार्जन के साथ सबसे बड़ा योगदानकर्ता बन गया है जबकि पंजाब 127 एलएमटी का उपार्जन कर दूसरे स्थान पर पहुँच गया है। साथ ही हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान ने भी गेहूं की राष्ट्रीय उपार्जन में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। पूरे भारत में, 42 लाख किसान लाभान्वित हुए हैं और गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य से उन्हें कुल राशि रु. 73,500 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।

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