राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

पिछले वर्ष की तुलना में खरीफ बुवाई 22.7% कम; जुलाई के पहले सप्ताह में रफ्तार पकड़ सकती है बुवाई

30 जून 2026, नई दिल्ली: पिछले वर्ष की तुलना में खरीफ बुवाई 22.7% कम; जुलाई के पहले सप्ताह में रफ्तार पकड़ सकती है बुवाई – देश में खरीफ फसलों की बुवाई ने अभी तक अपेक्षित गति नहीं पकड़ी है। 25 जून 2026 तक खरीफ फसलों का कुल रकबा 182.72 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 236.46 लाख हेक्टेयर था। इस प्रकार इस वर्ष खरीफ बुवाई 53.74 लाख हेक्टेयर (22.7%) कम रही है। यह जानकारी कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के कृषि सांख्यिकी प्रभाग द्वारा जारी ताजा आंकड़ों से सामने आई है।

सबसे अधिक गिरावट तिलहनी फसलों में दर्ज की गई है, जहां बुवाई का रकबा पिछले वर्ष की तुलना में 19.42 लाख हेक्टेयर कम है। तिलहनों में सोयाबीन की बुवाई में सबसे बड़ी कमी देखने को मिली है, जिसका रकबा 13.05 लाख हेक्टेयर घटकर 6.92 लाख हेक्टेयर रह गया है। वहीं मूंगफलीकी बुवाई भी 6.42 लाख हेक्टेयर कम रही है।

कपास की बुवाई में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज हुई है। इस वर्ष अब तक कपास का रकबा 29.66 लाख हेक्टेयर है, जो पिछले वर्ष के 45.36 लाख हेक्टेयर की तुलना में 15.70 लाख हेक्टेयर कम है।

धान की बुवाई भी धीमी रही है। धान का रकबा 8.65 लाख हेक्टेयर घटा है, जबकि श्री अन्न (मोटे अनाज) का कुल क्षेत्रफल 4.23 लाख हेक्टेयरकम दर्ज किया गया है। मक्का, बाजरा और रागी जैसी प्रमुख फसलों की बुवाई भी पिछले वर्ष से पीछे चल रही है।

दलहनी फसलों का कुल रकबा 6.53 लाख हेक्टेयर कम रहा है। इसमें सबसे अधिक कमी अरहर (4.89 लाख हेक्टेयर) तथा उड़द (1.44 लाख हेक्टेयर) की बुवाई में दर्ज की गई है। हालांकि ज्वार, सूरजमुखी, गन्ना तथा जूट एवं मेस्ता जैसी फसलों में पिछले वर्ष की तुलना में मामूली बढ़ोतरी देखने को मिली है।

विशेषज्ञों का मानना है कि खरीफ सीजन की धीमी शुरुआत का प्रमुख कारण कई राज्यों में मानसून की देर से प्रगति रही है। हालांकि आगामी दिनों में बारिश बढ़ने से बुवाई में तेजी आने की संभावना है, विशेषकर सोयाबीन, कपास, धान, मक्का और दलहनी फसलों में।

मौसम का प्रभाव: जुलाई के पहले सप्ताह में बुवाई पकड़ सकती है रफ्तार

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून अगले 3-4 दिनों में गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के और अधिक हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं। इन राज्यों सहित विदर्भ, तेलंगाना, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, कोंकण-गोवा तथा दक्षिण भारत के अधिकांश हिस्सों में व्यापक वर्षा तथा कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है। यही क्षेत्र देश में सोयाबीन, कपास, धान, मक्का और दलहन उत्पादन के प्रमुख केंद्र हैं। ऐसे में आने वाले सप्ताह में वर्षा की बेहतर स्थिति के कारण खरीफ बुवाई में उल्लेखनीय तेजी आने की संभावना है। हालांकि कुछ क्षेत्रों में भारी वर्षा और आंधी-तूफान के कारण स्थानीय स्तर पर कृषि कार्य अस्थायी रूप से प्रभावित हो सकते हैं, लेकिन समग्र रूप से जुलाई के पहले सप्ताह में बुवाई का रकबा तेजी से बढ़ने की उम्मीद है। 

25 जून 2026 तक खरीफ फसलों की बुवाई की स्थिति

फसलसामान्य क्षेत्र (लाख हे.)अंतिम क्षेत्र 20252026 में बुवाई (लाख हे.)2025 में बुवाई (लाख हे.)पिछले वर्ष की तुलना में परिवर्तन
धान412.00446.7025.7534.41-8.65
दलहन123.64118.9714.9221.46-6.53
├─ अरहर44.3244.603.568.45-4.89
├─ उड़द29.6021.261.072.51-1.44
├─ मूंग35.4837.458.378.63-0.26
├─ कुल्थी1.480.130.100.03+0.07
├─ मोठ9.690.820.560.26+0.30
└─ अन्य दलहन3.0715.660.981.21-0.23
श्री अन्न/मोटे अनाज182.63192.1231.8436.07-4.23
├─ ज्वार14.4412.103.382.70+0.68
├─ बाजरा70.9463.8011.3413.06-1.72
├─ रागी12.0113.460.660.73-0.07
├─ लघु अनाज4.474.150.750.97-0.22
└─ मक्का80.7798.6115.7118.61-2.90
तिलहन200.08196.3816.9936.41-19.42
├─ मूंगफली46.7950.298.8715.29-6.42
├─ सोयाबीन128.71123.866.9219.97-13.05
├─ सूरजमुखी1.200.880.730.44+0.29
├─ तिल12.889.630.360.63-0.27
├─ रामतिल1.010.830.020.00+0.02
├─ अरंडी9.4910.890.040.03+0.01
└─ अन्य तिलहन0.000.040.040.00+0.04
गन्ना54.2058.8457.3156.64+0.67
जूट एवं मेस्ता6.406.066.256.13+0.12
कपास125.51115.2029.6645.36-15.70
कुल1104.461134.2]182.72236.46-53.74

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