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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

भारत का मछली उत्पादन 2021-22 म 162 लाख टन से अधिक पहुंचा : श्री रूपाला

सागर परिक्रमा यात्रा के पांचवे चरण का समापन गोवा में हुआ

21 मई 2023, नई दिल्ली (कृषक जगत): भारत का मछली उत्पादन 2021-22 म 162 लाख टन से अधिक पहुंचा : श्री रूपाला – केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री श्री पुरषोत्तम रूपाला ने कहा कि भारत समृद्ध तथा विविध मत्स्य संसाधनों से संपन्न है और विभिन्न प्रकार की मछलियों का उत्पादन करता है। मछली भारत में भोजन, पोषण, रोजगार व आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। मछली स्वस्थ पशु प्रोटीन और ओमेगा 3-फैटी एसिड का एक सस्ता तथा समृद्ध स्रोत होने के कारण भूख और कुपोषण को कम करने की अपार क्षमता प्रदान करती है। श्री रूपाला ने कहा कि यह आशाओं से भरा यह क्षेत्र कई लाख रूपये की मूल्य श्रृंखला के साथ प्राथमिक स्तर पर 2.8 करोड़ से अधिक मछुआरों और मत्स्य पालकों को आजीविका, रोजगार एवं उद्यमिता के अवसर प्रदान करता है।

श्री रूपाला ने कहा कि भारत का मत्स्य क्षेत्र धीरे-धीरे विकसित हुआ है और अब यह देश के सामाजिक-आर्थिक विकास का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बन गया है। उन्होंने कहा कि भारत की स्वतंत्रता के समय विशुद्ध रूप से एक पारंपरिक आर्थिक गतिविधि के रूप में शुरू हुआ मछली उत्पादन पिछले 75 वर्षों में 22 गुना वृद्धि के साथ एक व्यावसायिक उद्यम में बदल गया है। साल 1950-51 में मात्र 7.5 लाख टन से शुरू हुआ भारत का कुल मछली उत्पादन 2021-22 में रिकॉर्ड 162.48 लाख टन प्रति वर्ष तक पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि 2020-21 की तुलना में 2021-22 में मछली उत्पादन में 10.34 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। श्री रूपाला ने बताया कि आज, भारत वैश्विक मछली उत्पादन में लगभग 8 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ तीसरा सबसे बड़ा मछली उत्पादक देश है। उन्होंने कहा कि यह मत्स्य उत्पादन में दूसरे स्थान पर है और दुनिया में शीर्ष कृत्रिम झींगा उत्पादक देशों में से एक है।

‘सागर परिक्रमा यात्रा’ हमारे देश के महान स्वतंत्रता सेनानियों, नाविकों एवं मछुआरों को नमन करते हुए 75वें आजादी का अमृत महोत्सव की भावना के रूप में सभी मछुआरों, मत्स्य उत्पादकों और संबंधित हितधारकों के साथ एकजुटता प्रदर्शित करते हुए तटीय क्षेत्र में समुद्र में परिकल्पित एक विकासवादी यात्रा है। यह भारत सरकार की एक पहल है, जिसका उद्देश्य मछुआरों तथा अन्य हितधारकों के विभिन्न मुद्दों को हल करना है और भारत सरकार द्वारा लागू की जा रही विभिन्न मत्स्य योजनाओं एवं कार्यक्रमों जैसे प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना  व किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से उनके आर्थिक उत्थान की सुविधा प्रदान करना है।

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