किसानों को मोबाइल पर मिलेगी हर योजना की जानकारी, केंद्र ने लॉन्च किया नया कृषि कल्याण पोर्टल
27 अक्टूबर 2026, नई दिल्ली: किसानों को मोबाइल पर मिलेगी हर योजना की जानकारी, केंद्र ने लॉन्च किया नया कृषि कल्याण पोर्टल – केंद्र सरकार ने किसानों के लिए एक नया, उन्नत डिजिटल मंच शुरू किया है, जिसका नाम कृषि कल्याण पोर्टल रखा गया है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसे 19 अक्टूबर को लॉन्च किया। यह पोर्टल मोबाइल फोन के लिए खास तौर पर तैयार किया गया है।
इसका मकसद किसानों को सरकारी योजनाओं, सब्सिडी और भरोसेमंद कृषि जानकारी तक एक ही जगह से पहुंच देना है। अभी किसानों को अलग-अलग योजनाओं की जानकारी के लिए कई दफ्तरों और वेबसाइटों के चक्कर काटने पड़ते हैं। नया पोर्टल इस झंझट को खत्म करने के लिए बनाया गया है।
एक ही जगह पर मिलेंगी सारी योजनाएं
कृषि कल्याण पोर्टल को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, एग्रीस्टैक और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना जैसी बड़ी योजनाओं के लिए सिंगल-विंडो गेटवे के तौर पर डिजाइन किया गया है। किसान यहां योजनाओं की जानकारी देख सकेंगे और सीधे आवेदन भी कर सकेंगे।
इसके अलावा यह पोर्टल किसान उत्पादक संगठनों, प्राथमिक कृषि साख समितियों, कृषि वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और कृषि क्षेत्र में काम करने वाले स्टार्टअप्स को भी एक साझा डिजिटल मंच पर लाएगा। इससे अलग-अलग स्तर पर काम कर रहे लोग एक-दूसरे से जुड़ सकेंगे।
मंत्रालय के मुताबिक पोर्टल को इस तरह बनाया गया है कि किसानों को बिचौलियों की जरूरत न पड़े और वे सीधे अपनी योजनाओं की स्थिति देख सकें। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि पोर्टल पर दी गई जानकारी हमेशा सटीक और अपडेटेड रहनी चाहिए।
KVK के जरिए मिलेगा प्रशिक्षण
पोर्टल और दूसरे डिजिटल औजारों का सही इस्तेमाल किसानों को सिखाने के लिए देश भर के कृषि विज्ञान केंद्रों (KVK) के माध्यम से विशेष प्रशिक्षण अभियान चलाया जाएगा। इसका मतलब है कि जिन किसानों को मोबाइल ऐप या वेबसाइट चलाने में दिक्कत होती है, उन्हें अपने नजदीकी KVK में मदद मिल सकेगी।
मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन है कि देश का हर नागरिक और किसान अपने मोबाइल फोन के जरिए किसी भी समय सरकार से जुड़ सके। कृषि कल्याण पोर्टल को इसी दिशा में एक कदम बताया गया है।
पोर्टल का इंटरफेस दिव्यांगजनों के लिए भी सुविधाजनक बनाया गया है, जिसमें स्क्रीन-रीडर सपोर्ट शामिल है। इसे सरकारी डिजिटल पहचान और सुरक्षा से जुड़े मौजूदा मानकों के अनुरूप भी तैयार किया गया है।
आज भी बड़ी संख्या में किसानों को यह पता नहीं चलता कि उनके लिए कौन सी योजना चल रही है या वे किसी योजना के लिए पात्र हैं या नहीं। कई बार सही जानकारी न मिलने से किसान सरकारी मदद से वंचित रह जाते हैं। पोर्टल के जरिए इस जानकारी की कमी को दूर करने की कोशिश की जा रही है।
PM-KISAN के तहत किसानों को सीधे उनके खाते में राशि मिलती है, एग्रीस्टैक किसानों का डिजिटल डेटाबेस तैयार करता है, जबकि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना फसल खराब होने पर मुआवजा देती है। अभी तक इन तीनों के लिए किसानों को अलग-अलग पोर्टल या दफ्तर में जाना पड़ता था। नए पोर्टल के बाद यह काम एक ही जगह से हो सकेगा, जिससे समय की बचत होगी और कागजी कामकाज भी घटेगा।
मंत्रालय का कहना है कि डिजिटल तरीके से योजनाओं से जुड़ने पर बिचौलियों की भूमिका कम होती है और पैसा सीधे किसान के खाते में पहुंचता है। इससे भ्रष्टाचार और देरी की गुंजाइश भी घटती है। हालांकि, जिन इलाकों में इंटरनेट की पहुंच कमजोर है, वहां इस पोर्टल का असर कितना होगा, यह आने वाले समय में ही साफ हो पाएगा।
इसी वजह से KVK के माध्यम से दी जाने वाली ट्रेनिंग को अहम माना जा रहा है, क्योंकि गांव स्तर पर मौजूद यह संस्थान किसानों को पोर्टल का इस्तेमाल सिखाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि कितने किसान इस नए मंच से जुड़ते हैं और इसका व्यावहारिक फायदा जमीन पर कैसे दिखता है।
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