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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

ICAR-ICMR ने शुरू किया “सेहत मिशन”, मंत्री जे.पी. नड्डा बोले- कृषि और स्वास्थ्य का संगम बदलेगा देश की तस्वीर  

12 मई 2026, नई दिल्ली: ICAR-ICMR ने शुरू किया “सेहत मिशन”, मंत्री जे.पी. नड्डा बोले- कृषि और स्वास्थ्य का संगम बदलेगा देश की तस्वीर – देश में खेती, पोषण और स्वास्थ्य को एक साथ जोड़ने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा और केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी में मंगलवार को दिल्ली में “सेहत मिशन” लॉन्च किया गया। ICAR और ICMR की संयुक्त पहल के रूप में शुरू हुए इस मिशन का उद्देश्य “हेल्दी फूड, हेल्दी फार्म और हेल्दी इंडिया” के विजन को आगे बढ़ाना है।

सरकार का मानना है कि यह मिशन खेती से लेकर थाली और थाली से स्वास्थ्य तक एक मजबूत वैज्ञानिक कड़ी तैयार करेगा। कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी, ICMR के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल और ICAR के महानिदेशक डॉ. एम.एल. जाट भी मौजूद रहे।

इलाज नहीं, रोकथाम पर जोर

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा  ने कहा कि “सेहत मिशन” भारत की नीति-निर्माण प्रक्रिया में एक बड़े बदलाव का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि अब सरकार केवल इलाज आधारित व्यवस्था तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि रोकथाम, समय पर पहचान और निरंतर देखभाल पर विशेष जोर दे रही है।

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नड्डा ने कहा कि लंबे समय तक कृषि और स्वास्थ्य संस्थान अलग-अलग दिशा में काम करते रहे, लेकिन अब ICAR और ICMR का साथ आना विज्ञान आधारित समाधान की नई शुरुआत है। उन्होंने कहा कि यह मिशन कुपोषण और तेजी से बढ़ रही नॉन-कम्युनिकेबल बीमारियों जैसे डायबिटीज, हाइपरटेंशन और कैंसर जैसी चुनौतियों से निपटने में अहम भूमिका निभाएगा।

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“क्या खाएं” के साथ “क्या उगाएं” पर भी फोकस

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि देश को अब केवल अधिक उत्पादन नहीं बल्कि पोषण-संपन्न उत्पादन की दिशा में आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि “क्या खाएं” के साथ-साथ “क्या उगाएं” पर भी राष्ट्रीय स्तर पर गंभीरता से काम करने की जरूरत है।

चौहान ने कहा कि “हितभुक, मितभुक और ऋतुभुक” का भारतीय जीवन-दर्शन आज भी प्रासंगिक है, क्योंकि संतुलित और मौसम के अनुसार भोजन ही बेहतर स्वास्थ्य का आधार है। उन्होंने बायो-फोर्टिफाइड फसलों, जिंक और आयरन से भरपूर किस्मों तथा कोदो, कुटकी, ज्वार, रागी और बाजरा जैसे पारंपरिक अनाजों को बढ़ावा देने पर जोर दिया।

पोषणयुक्त खेती और किसानों के स्वास्थ्य पर जोर
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एकीकृत खेती केवल किसानों की आय बढ़ाने का साधन नहीं बल्कि परिवार के पोषण और बेहतर स्वास्थ्य का भी आधार है। उन्होंने कहा कि सही भोजन और सही फसल चयन पर वैज्ञानिक तरीके से काम किया जाए तो भोजन ही दवा का काम कर सकता है।

उन्होंने किसानों और खेतिहर मजदूरों के स्वास्थ्य को भी मिशन का अहम हिस्सा बताया। चौहान ने कहा कि कीटनाशकों के संपर्क, रसायनों के असंतुलित उपयोग और खेतों में काम के दौरान होने वाले जोखिमों को कम करने के लिए सुरक्षित खेती पद्धतियों और वैज्ञानिक जागरूकता की जरूरत है।

क्या है “सेहत मिशन”

“सेहत” यानी Science Excellence for Health through Agricultural Transformation ICAR और ICMR का संयुक्त राष्ट्रीय मिशन है। इसका उद्देश्य खेती को बेहतर पोषण, रोग-निवारण, किसान कल्याण और विज्ञान आधारित नीति-निर्माण से जोड़ना है।

मिशन के तहत पोषण गुणवत्ता सुधार, सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी कम करने, गैर-संचारी रोगों की रोकथाम और टिकाऊ खाद्य प्रणाली विकसित करने पर काम किया जाएगा। सरकार का दावा है कि यह पहल आने वाले समय में “हेल्दी इंडिया” के निर्माण में अहम भूमिका निभाएगी।

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