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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

97 सालों में भारतीय कृषि की रीढ़ बना ICAR, जानिए सफर की पूरी कहानी

16 जुलाई 2025, नई दिल्ली: 97 सालों में भारतीय कृषि की रीढ़ बना ICAR, जानिए सफर की पूरी कहानी – भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) ने अपनी स्थापना के 97 गौरवशाली साल पूरे कर लिए हैं। देश की कृषि व्यवस्था को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने वाले इस प्रतिष्ठित संस्थान ने न केवल किसानों की आमदनी बढ़ाई, बल्कि खेती को स्मार्ट, टिकाऊ और वैज्ञानिक बनाया। इस खास मौके पर नई दिल्ली स्थित सी. सुब्रमण्यम हॉल, NASC कॉम्प्लेक्स में भव्य समारोह का आयोजन किया गया, जिसका उद्घाटन केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया। कार्यक्रम में नीति आयोग सदस्य डॉ. रमेश चंद समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

खेती में क्रांतिकारी बदलाव की कहानी

ICAR ने पिछले नौ दशकों में फसल उत्पादन से लेकर पशुपालन, मत्स्य पालन, बागवानी और प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन तक हर क्षेत्र में ऐतिहासिक बदलाव किए। यही वजह है कि आज भारत दुनिया में चावल, दूध और दालों का सबसे बड़ा उत्पादक और निर्यातक बन चुका है। भारत का गेहूं, बासमती चावल और बागवानी उत्पाद अब पूरी दुनिया में अपनी पहचान बना चुके हैं।

कुछ बड़ी उपलब्धियां एक नजर में:

1. भारत आज दुनिया का सबसे बड़ा चावल उत्पादक और 40% निर्यात का हिस्सा रखता है।
2. दूध उत्पादन में पहला स्थान (239.30 मिलियन टन), गेहूं में दूसरा स्थान (117 मिलियन टन), बागवानी में रिकॉर्ड उत्पादन।
3. बासमती चावल का ₹50,000 करोड़ से ज्यादा का निर्यात, जिसमें 90% योगदान ICAR की किस्मों का।
4. दाल क्रांति के तहत उत्पादन 16.3 मिलियन टन से बढ़कर 24.49 मिलियन टन पहुंचा।
5. भारत का मत्स्य उत्पादन 18.42 मिलियन टन तक पहुंचा।

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किसानों के लिए नई उम्मीदें और तकनीकें

ICAR ने पिछले साल ही 679 फसल किस्में, 83 बागवानी किस्में और पहली बार दो जीनोम एडिटेड चावल किस्में जारी कीं। पशुधन के लिए नई नस्लें, टीके, स्मार्ट सेंसर और पोल्ट्री यूनिट्स की शुरुआत की। खेती के लिए 45 नई मशीनें और आधुनिक उपकरण दिए गए।

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किसानों के साथ सीधा जुड़ाव

देशभर में 700 से ज्यादा कृषि विज्ञान केंद्रों के जरिए 1.35 करोड़ किसानों तक तकनीक पहुंचाई गई। 18 लाख किसानों को प्रशिक्षण, 4 करोड़ से ज्यादा मोबाइल सलाह, 3,093 FPO को टेक्निकल सपोर्ट और हजारों युवा किसान उद्यमी बनाए गए।

ICAR का ग्लोबल मॉडल

आज ICAR की पहचान सिर्फ भारत में नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी है। ASEAN, G20, ब्रिक्स, शंघाई सहयोग संगठन जैसे प्लेटफॉर्म पर भारत की कृषि शक्ति का प्रतिनिधित्व करता है। जलवायु स्मार्ट खेती, श्रीअन्न को वैश्विक ब्रांड बनाने, नई जीनोम तकनीक और प्राकृतिक खेती जैसे कई बड़े अभियान ICAR चला रहा है। साथ ही स्टार्टअप, युवाओं को कृषि उद्यमिता से जोड़ने की पहल भी तेज हो गई है।

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