किसानों की बल्ले-बल्ले! धान-मक्का समेत 14 खरीफ फसलों की MSP बढ़ी, सूरजमुखी बीज पर ₹622 का रिकॉर्ड इजाफा
14 मई 2026, नई दिल्ली: किसानों की बल्ले-बल्ले! धान-मक्का समेत 14 खरीफ फसलों की MSP बढ़ी, सूरजमुखी बीज पर ₹622 का रिकॉर्ड इजाफा – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने विपणन सत्र 2026-27 के लिए 14 खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। सरकार के इस फैसले का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य दिलाना, फसल विविधीकरण को बढ़ावा देना और तिलहन-दलहन उत्पादन को प्रोत्साहित करना है।
सरकार द्वारा जारी नई MSP दरों में सबसे अधिक बढ़ोतरी सूरजमुखी बीज पर की गई है। सूरजमुखी बीज का MSP ₹622 प्रति क्विंटल बढ़ाया गया है। इसके बाद कपास में ₹557, नाइजरसीड में ₹515 और तिल में ₹500 प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है।
सरकार ने कहा है कि केंद्रीय बजट 2018-19 में किए गए वादे के अनुसार MSP को अखिल भारतीय भारित औसत उत्पादन लागत के कम से कम 1.5 गुना पर तय किया जा रहा है।
खरीफ फसलों का नया MSP (2026-27)
| फसल | MSP 2025-26 (₹/क्विंटल) | MSP 2026-27 (₹/क्विंटल) | बढ़ोतरी |
| धान (सामान्य) | 2369 | 2441 | ₹72 |
| धान (ग्रेड-A) | 2389 | 2461 | ₹72 |
| ज्वार (हाइब्रिड) | 3699 | 4023 | ₹324 |
| ज्वार (मालदंडी) | 3749 | 4073 | ₹324 |
| बाजरा | 2775 | 2900 | ₹125 |
| रागी | 4886 | 5205 | ₹319 |
| मक्का | 2400 | 2410 | ₹10 |
| अरहर/तूर | 8000 | 8450 | ₹450 |
| मूंग | 8768 | 8780 | ₹12 |
| उड़द | 7800 | 8200 | ₹400 |
| मूंगफली | 7263 | 7517 | ₹254 |
| सूरजमुखी बीज | 7721 | 8343 | ₹622 |
| सोयाबीन (पीली) | 5328 | 5708 | ₹380 |
| तिल | 9846 | 10346 | ₹500 |
| नाइजरसीड | 9537 | 10052 | ₹515 |
| कपास (मध्यम रेशा) | 7710 | 8267 | ₹557 |
| कपास (लंबा रेशा) | 8110 | 8667 | ₹557 |
किन फसलों पर सबसे ज्यादा फोकस
सरकार ने इस बार तिलहन, दलहन और मोटे अनाज यानी ‘श्रीअन्न’ पर विशेष जोर दिया है। MSP में सबसे अधिक बढ़ोतरी उन्हीं फसलों में की गई है जिनकी मांग घरेलू और वैश्विक बाजार में लगातार बढ़ रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे किसानों को धान-गेहूं जैसी पारंपरिक फसलों से हटकर तिलहन और दलहन की खेती के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। इससे खाद्य तेल आयात पर निर्भरता घटाने में भी मदद मिल सकती है।
किसानों को कितना मिलेगा लाभ?
सरकार के अनुसार उत्पादन लागत पर किसानों को सबसे ज्यादा अनुमानित लाभ मूंग में 61 प्रतिशत मिलेगा। इसके बाद बाजरा और मक्का में 56 प्रतिशत तथा अरहर में 54 प्रतिशत लाभ मिलने का अनुमान है। बाकी फसलों में किसानों को लागत पर कम से कम 50 प्रतिशत लाभ सुनिश्चित किया गया है।
MSP और खरीद के आंकड़ों में बड़ा उछाल
सरकार ने पिछले वर्षों के आंकड़े जारी करते हुए दावा किया कि MSP व्यवस्था के तहत किसानों को रिकॉर्ड भुगतान किया गया है। वर्ष 2014-15 से 2025-26 के दौरान धान की खरीद 8418 लाख मीट्रिक टन रही, जबकि 2004-05 से 2013-14 के बीच यह आंकड़ा 4590 लाख मीट्रिक टन था। इसी तरह 14 खरीफ फसलों की कुल खरीद 8746 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गई, जो पहले 4679 लाख मीट्रिक टन थी।
केंद्र सरकार के मुताबिक 2014-15 से 2025-26 के बीच धान उत्पादक किसानों को MSP के रूप में ₹16.08 लाख करोड़ का भुगतान किया गया, जबकि 2004-05 से 2013-14 के दौरान यह राशि ₹4.44 लाख करोड़ थी। वहीं 14 खरीफ फसलों के किसानों को पिछले 11 वर्षों में कुल ₹18.99 लाख करोड़ का भुगतान किया गया है।
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