किसानों के लिए खुशखबरी! कपास की खेती पर मिलेगी ₹14,000 प्रति हेक्टेयर तक की सहायता, जानें कौन उठा सकता है लाभ
11 जुलाई 2026, नई दिल्ली: किसानों के लिए खुशखबरी! कपास की खेती पर मिलेगी ₹14,000 प्रति हेक्टेयर तक की सहायता, जानें कौन उठा सकता है लाभ – कपास उत्पादक किसानों की आय बढ़ाने और आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए गुजरात सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्र सरकार की ‘मिशन फॉर कॉटन प्रोडक्टिविटी’ योजना के तहत राज्य को वर्ष 2026-27 के लिए 134.80 करोड़ रुपये की मंजूरी मिली है। इस योजना के तहत पात्र किसानों को प्रति हेक्टेयर 14,000 रुपये तक की इनपुट सहायता दी जाएगी। इसके लिए 10 जुलाई 2026 से i-Khedut पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
गुजरात के कृषि मंत्री जीतू वाघाणी ने बताया कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक कपास उत्पादन बढ़ाने, आयात पर निर्भरता कम करने और किसानों की आय मजबूत करने के उद्देश्य से ‘मिशन फॉर कॉटन प्रोडक्टिविटी’ की शुरुआत की है। इस वर्ष गुजरात के लिए 134.80 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। योजना के तहत राज्य के 21 कपास उत्पादक जिलों में एक लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र को शामिल करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
खेती की तकनीक के आधार पर मिलेगी सहायता
योजना के अंतर्गत किसानों को अपनाई गई खेती की पद्धति के अनुसार आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। क्लोजर स्पेसिंग टेक्नोलॉजी के तहत 90×30 सेंटीमीटर की दूरी पर कपास की बुवाई करने वाले किसानों को 14,000 रुपये प्रति हेक्टेयर की इनपुट सहायता मिलेगी। वहीं, इंटीग्रेटेड क्रॉप मैनेजमेंट (ICM) पद्धति के तहत 90×60 सेंटीमीटर की दूरी पर कपास की खेती करने वाले किसानों को 7,500 रुपये प्रति हेक्टेयर की सहायता दी जाएगी। एक किसान एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम दो हेक्टेयर तक इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकेगा।
किन किसानों को मिलेगा योजना का लाभ?
योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को सरकार द्वारा अनुमोदित या प्रमाणित कपास की किस्मों अथवा स्वीकृत बीटी कपास (BT Cotton) बीज का उपयोग करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा किसान की फार्मर आईडी (किसान रजिस्ट्री) भी पूरी तरह अपडेट और सत्यापित होना जरूरी है। सरकार का उद्देश्य आधुनिक खेती की तकनीकों को बढ़ावा देना और किसानों को अधिक उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करना है।
किसानों को मिलेगा प्रशिक्षण
कृषि विभाग किसानों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित करेगा। इन कार्यक्रमों में किसानों को वैज्ञानिक तरीके से कपास की खेती, नई तकनीकों का उपयोग, बेहतर फसल प्रबंधन और उत्पादन बढ़ाने के उपायों की जानकारी दी जाएगी। इससे किसान कम लागत में बेहतर उत्पादन हासिल कर सकेंगे।
10 जुलाई से शुरू हुए ऑनलाइन आवेदन
राज्य सरकार ने पात्र किसानों के लिए i-Khedut पोर्टल पर 10 जुलाई 2026 से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। कृषि मंत्री ने उन किसानों से समय रहते आवेदन करने की अपील की है, जिन्होंने इस सीजन में 90×30 सेंटीमीटर या 90×60 सेंटीमीटर की दूरी वाली तकनीक से कपास की खेती की है या ऐसी खेती अपनाने की योजना बना रहे हैं।
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