राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

गांधी जयंती पर खादी कारीगरों को तोहफा: मजदूरी बढ़ी, खादी पर विशेष छूट

03 अक्टूबर 2024, नई दिल्ली: गांधी जयंती पर खादी कारीगरों को तोहफा: मजदूरी बढ़ी, खादी पर विशेष छूट – खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) ने गांधी जयंती के अवसर पर खादी कारीगरों के लिए बड़ी घोषणा की है। खादी कारीगरों की मजदूरी में बढ़ोतरी के साथ-साथ खादी उत्पादों पर विशेष छूट की शुरुआत की गई है। इस कदम का उद्देश्य खादी उद्योग को प्रोत्साहन देना और कारीगरों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।

कताई और बुनाई कारीगरों की मजदूरी में बढ़ोतरी

खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) के अध्यक्ष श्री मनोज कुमार ने 2 अक्टूबर से कारीगरों की मजदूरी में वृद्धि की घोषणा की है। अब चरखे पर सूत कातने वाले कारीगरों की मजदूरी में 25% और करघे पर काम करने वाले बुनकरों की मजदूरी में 7% की बढ़ोतरी की गई है। इस फैसले से देशभर में लाखों खादी कारीगरों को सीधा लाभ मिलेगा, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हैं।

इससे पहले, 17 सितंबर 2024 को प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर पोरबंदर में इस बढ़ोतरी की घोषणा की गई थी, और इसे गांधी जयंती के मौके पर लागू किया गया है। कताई करने वाले कारीगरों को अब प्रति हैंक 12.50 रुपये मिलेंगे, जबकि पहले उन्हें 10 रुपये प्रति हैंक मिलते थे। यह पिछले डेढ़ साल में मजदूरी में दूसरी बार बढ़ोतरी है।

गांधी जयंती पर खादी उत्पादों पर विशेष छूट

गांधी जयंती के अवसर पर खादी उत्पादों पर 20% और ग्रामोद्योग उत्पादों पर 10% की विशेष छूट की घोषणा की गई है। यह छूट 2 अक्टूबर से 30 नवंबर 2024 तक पूरे देश में लागू रहेगी। नई दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित खादी भवन समेत देशभर के खादी स्टोर्स में यह छूट उपलब्ध होगी।

इस मौके पर केंद्रीय मंत्रियों ने बाबा खड़क सिंह मार्ग स्थित खादी भवन में खरीदारी करके इस अभियान की औपचारिक शुरुआत की। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जे.पी. नड्डा ने खादी के कपड़े और ग्रामोद्योग उत्पाद खरीदे और आम लोगों से खादी को अपनाने की अपील की। केंद्रीय एमएसएमई मंत्री श्री जीतन राम मांझी ने भी लोगों से खादी और स्वदेशी उत्पादों को समर्थन देने और आत्मनिर्भर भारत अभियान का हिस्सा बनने का आग्रह किया।

खादी के क्षेत्र में बढ़ती लोकप्रियता

केवीआईसी के अध्यक्ष श्री मनोज कुमार ने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में खादी का कारोबार 1.55 लाख करोड़ रुपये को पार कर गया। यह वृद्धि खादी क्षेत्र की लगातार बढ़ती लोकप्रियता और खादी कारीगरों के आर्थिक सशक्तिकरण का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि देश में लगभग 4.98 लाख खादी कारीगरों को रोजगार मिलता है, जिनमें से 80% महिलाएं हैं।

गांधी जयंती के अवसर पर खादी भवन में पिछले तीन वर्षों से 1 करोड़ रुपये से ज्यादा की बिक्री दर्ज की गई है। वर्ष 2023-24 में यह आंकड़ा 1.52 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो खादी की बढ़ती मांग और ‘वोकल फॉर लोकल’ के तहत इसे मिल रहे समर्थन को दर्शाता है।

श्री मनोज कुमार ने कहा कि खादी सिर्फ एक वस्त्र नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत के विकास का एक साधन है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खादी को नए आयाम मिल रहे हैं, और इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। मजदूरी में वृद्धि का यह कदम कारीगरों के जीवन को सुधारने के साथ-साथ उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त करेगा।

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