राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

कृषि उत्पादकों के निर्यातकों को मदद मिलेगी, एडीपा खोल रहा है नए ऑफिस

26 अगस्त 2025, नई दिल्ली: कृषि उत्पादकों के निर्यातकों को मदद मिलेगी, एडीपा खोल रहा है नए ऑफिस – हमारे देश में जहां कृषि यंत्रों का उत्पादन होता है वहीं प्रदेशों के साथ ही विदेशों में भी निर्यात किए जाते है लेकिन अब उत्पादकों के निर्याताकों को मदद देने के लिए एडीपा पटना, रायपुर और देहरादून में नए रीजनल ऑफिसों को शुरू करने जा रहा है। ताकि इन क्षेत्रों के निर्यातकों को मदद मिल सके।
बता दें कि एपीडा (APEDA), जो वाणिज्य मंत्रालय का हिस्सा है, अब पटना, देहरादून और रायपुर में अपने तीन नए रीजनल ऑफिस खोलने जा रहा है। इनका उद्देश्य कृषि उत्पादों के निर्यातकों को मदद देना और उनके शिपमेंट को आसान बनाना है। अभी तक एपीडा के देशभर में 16 दफ्तर हैं, जैसे बेंगलुरु, मुंबई, श्रीनगर, गुवाहाटी और भोपाल।

एपीडा का काम कृषि उत्पादों के निर्यात से जुड़ी उद्योगों का विकास करना, निर्यातकों का रजिस्ट्रेशन करना, क्वालिटी स्टैंडर्ड तय करना, पैकेजिंग सुधारना और मार्केटिंग में मदद करना है।
 बिज़नेस लाइन की रिपोर्ट के मुताबिक भारत का कृषि निर्यात 2024-25 में 50 अरब डॉलर से ज्यादा हो गया है। इसे और बढ़ाने के लिए एपीडा खास कदम उठा रहा है, जैसे जीआई टैग वाले उत्पादों को बढ़ावा देना, परंपरागत उत्पादों (जैसे अनाज और भैंस का मांस) का निर्यात बढ़ाना और नए उत्पाद (जैसे ऑर्गेनिक फसलें, प्रोसेस्ड फल और जूस) को प्रमोट करना। निर्यात को और मजबूत करने के लिए एपीडा जल्दी खराब होने वाले उत्पादों के लिए समुद्री प्रोटोकॉल तैयार कर रहा है, ताकि इन्हें सस्ते और टिकाऊ तरीके से विदेश भेजा जा सके। साथ ही, बाजरा और चावल से बने वैल्यू-ऐडेड प्रोडक्ट्स पर शोध भी किया जा रहा है। पैकेजिंग को बेहतर बनाया जा रहा है, जिससे शेल्फ लाइफ बढ़े और क्वालिटी बनी रहे। इसके अलावा किसानों और निर्यातकों को ट्रेनिंग दी जा रही है, ताकि वे अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों के हिसाब से काम कर सकें।

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