राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

ईआईएमए एग्रीमैच इंडिया 2025 का समापन: हरित ईंधन आधारित कृषि मशीनरी को मिला भविष्य का रोडमैप  

01 दिसंबर 2025, नई दिल्ली: ईआईएमए एग्रीमैच इंडिया 2025 का समापन: हरित ईंधन आधारित कृषि मशीनरी को मिला भविष्य का रोडमैप – कृषि मशीनरी, उपकरण और कृषि तकनीक समाधान पर 9वीं अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी और सम्मेलन ‘ईआईएमए एग्रीमैच इंडिया 2025’ का समापन शनिवार को भविष्य में हरित ईंधन आधारित कृषि मशीनरी पर फोकस करने के आह्वान के साथ हुआ। इसका आयोजन फिक्की और इतालवी कृषि उद्योग निकाय फेडरउनाकोमा ने कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के सहयोग से संयुक्त रूप से किया था।

20 हजार से अधिक किसानों ने लिया भाग

 नई दिल्ली में पूसा स्थित आईएआरआई मैदान में 27-29 नवंबर, 2025 को आयोजित इस प्रदर्शनी में उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और ओडिशा के लगभग 20,000 किसानों, 4000 से ज़्यादा घरेलू डीलरों और वितरकों, 180 से ज़्यादा घरेलू और विदेशी कंपनियों, और अल्जीरिया, नेपाल, श्रीलंका, केन्या, ओमान, मलेशिया, मोरक्को, नाइजीरिया, युगांडा, वियतनाम, ज़िम्बाब्वे, दक्षिण कोरिया और थाईलैंड के 100 से ज़्यादा विदेशी खरीदारों ने हिस्सा लिया। इटली इस प्रदर्शनी का भागीदार देश था। नीदरलैंड, जापान, अमेरिका और पोलैंड ने भी इस प्रदर्शनी में भाग लिया।

Advertisement
Advertisement

 प्रदर्शनी में कृषि मशीनरी की एक विस्तृत श्रृंखला प्रदर्शित की गई, जो हमारे देश के किसानों के लिए बेहद फायदेमंद हो सकती है। इसके अलावा, इस आयोजन ने कृषि क्षेत्र की संपूर्ण मूल्य श्रृंखला को पूरा करने वाले भारतीय और विदेशी दोनों ही प्रकार के उद्यमियों को बेहतरीन अवसर प्रदान किए।

हरित ईंधन आधारित मशीनीकरण पर जोर

 उद्घाटन सत्र में मुख्य भाषण देते हुए, कृषि एवं किसान कल्याण सचिव डॉ. देवेश चतुर्वेदी ने उद्योग जगत से अनुरोध किया कि वे हरित ईंधन (पर्यावरण में कम से कम कार्बन उत्सर्जन करने वाला ईंधन) आधारित मशीनीकरण को प्राथमिकता देकर भारतीय कृषि क्षेत्र के 2047 के विजन को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं और कार्यभार को कम करने के लिए महिला-पुरूष निरपेक्ष कृषि उपकरण बनाकर महिला किसानों के कठिन परिश्रम को कम करें।

Advertisement8
Advertisement

 डॉ. चतुवेदी ने अपने उद्घाटन भाषण में कहा, “अगले 5-10 वर्षों में, हमें अपनी तकनीकों को हरित ईंधन पर आधारित कर देना चाहिए—चाहे वे विद्युत चालित ट्रैक्टर हों या ग्रामीण सीबीजी संयंत्रों के लिए उपलब्ध सीबीजी (संपीड़ित बायोगैस) पर चलने वाली मशीनें। इस बदलाव से किसानों के रखरखाव और संचालन लागत, दोनों में कमी आएगी। हमारी योजनाओं में हरित ईंधन आधारित तकनीकों को प्राथमिकता दी जाएगी। मैं अपने इतालवी उद्योग साथियों से इस क्षेत्र में सहयोग करने का आग्रह करता हूं।”

Advertisement8
Advertisement

विजन 2047 को प्राप्त करने में महिला किसानों को महत्वपूर्ण बताते हुए, सचिव ने उद्योग जगत का ध्यान महिला-पुरुष समानता को बढ़ावा देने वाले बजट (जेंडर बजटिंग) की ओर आकर्षित किया और उनसे महिलाओं के अनुकूल उपकरणों के उत्पादन पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया।

महिला-केंद्रित उपकरण और जेंडर बजटिंग

डॉ. चतुवेदी ने यह भी बताया कि संयुक्त राष्ट्र ने 2026 को अंतर्राष्ट्रीय महिला किसान वर्ष घोषित किया है। इसलिए, ऐसे उपकरण डिज़ाइन किए जाने चाहिए जो महिलाओं को कठिन परिश्रम से राहत दिलाने का काम करें। उन्होंने कहा कि अक्सर नीति निर्माता यह मान लेते हैं कि ‘जेंडर बजटिंग’ का मतलब केवल महिलाओं को मशीनरी का स्वामित्व देना है, लेकिन केवल इससे उनका कठिन परिश्रम कम नहीं होता। उन्होंने ज़ोर देकर कहा, “अधिकांश कठिन कृषि कार्य महिलाएं करती हैं, और इसलिए हमें महिलाओं के अधिक अनुकूल उपकरणों की जरूरत है, चाहे वे मैनुअल हों या मोटर चालित, जो वास्तव में उनके कार्यभार को कम करें।”

भारत-इटली सहयोग की संभावनाएं

भारत में इटली के राजदूत  एंटोनियो बार्टोली ने आशा व्यक्त की कि दोनों देशों के बीच कृषि क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देने के लिए भारत में इतालवी दूतावास में शीघ्र ही एक कृषि अताशे (एक ऐसा अधिकारी जो कृषि क्षेत्र का विशेषज्ञ हो और दो देशों के बीच कृषि संबंधों को मजबूत करने के विभिन्न पक्षों का ध्यान रखे) की नियुक्ति की जाएगी।

प्रदर्शनी का अंतिम दिन दौरा करने वाले कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय में संयुक्त सचिव श्री अन्बलगन पी ने प्रदर्शनी एवं सम्मेलन की उपलब्धि पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में किसानों की भागीदारी तथा घरेलू एवं विदेशी कम्पनियों, डीलरों, वितरकों की प्रमुख उपस्थिति इस आयोजन की सफलता को दर्शाती है।

कृषि सेवा और मशीनीकरण पर जोर

ईआईएमए एग्रीमैच इंडिया की आयोजन समिति के अध्यक्ष और टैफे के बोर्ड निदेशक एवं समूह अध्यक्ष टी.आर. केसवन ने कृषि को सेवा के रूप में बढ़ावा देने की जरूरत पर बल दिया, क्योंकि किसानों को केवल कुछ दिनों के लिए इस्तेमाल होने वाला सीडर खरीदना महंगा पड़ेगा। उन्होंने कहा कि कृषि सेवा के रूप में सीडर मददगार साबित हो सकता है। इसलिए, हमें सेवा के रूप में कृषि का एक नया क्षेत्र बनाने की जरूरत है। उद्योग ने कृषि मंत्रालय के साथ इस पर चर्चा की है और इस दिशा में कुछ प्रगति भी हुई है।

Advertisement8
Advertisement

कृषि क्षेत्र में भारत-इटली सहयोग के भविष्य को लेकर उत्साहित फेडेरुनाकोमा की महानिदेशक सिमोना रापस्टेला ने कहा कि भारत पर इतालवी व्यापार एजेंसी (आईसीई) की रिपोर्ट के अनुसार, यह क्षेत्र 2023 में कुल 13.7 अरब अमेरिकी डॉलर का था और अगले दस वर्षों में इसमें उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है, जो 2033 में 31.6 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच जाएगा। इसकी वार्षिक वृद्धि दर लगभग 9 प्रतिशत होगी।

रिपोर्ट और डिजिटल तकनीक का योगदान

फिक्की राष्ट्रीय कृषि समिति के सह-अध्यक्ष और कॉर्टेवा एग्रीसाइंस के दक्षिण एशिया अध्यक्ष सुब्रतो गीद ने कहा, “भारत के लिए अपने खाद्य भविष्य को सुरक्षित करने हेतु उत्पादकता बढ़ाना अत्यंत आवश्यक है। हमें किसानों को उच्च-गुणवत्ता वाले बीजों और कृषि उपज बढ़ाने के साधनों जैसे सही सामाग्रियों तक पहुंच प्रदान करके शुरुआत करनी होगी। हमें ऐसे आधुनिक तरीकों की आवश्यकता है जो श्रम को कम करें और दक्षता में सुधार करें। मशीनीकरण इस परिवर्तन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसे प्रौद्योगिकी और प्रगतिशील सुधारों से मदद प्राप्त है। इन सभी कदमों के साथ मिलकर, एक ऐसी सुदृढ़ कृषि प्रणाली का निर्माण किया जा सकता है जो किसानों और राष्ट्र दोनों के लिए लाभकारी हो।”

कार्यक्रम के दौरान फिक्की-पीडब्ल्यूसी की रिपोर्ट ‘फार्म मैकेनाइजेशन: द पाथ टुआर्ड्स फ्यूचर रेडी इंडिया’ भी जारी की गई।

10वां संस्करण इटली में होगा आयोजित

इतालवी व्यापार एजेंसी की उप व्यापार आयुक्त सुश्री सबरीना मंगियालावोरी ने कहा कि भारतीय किसान आधुनिक यांत्रिक समाधानों, जैसे जुताई, बुवाई, सिंचाई, फसल संरक्षण और फसल के डंठल से अनाज या दानों को अलग करने की प्रक्रिया (थ्रेसिंग) को अपना रहे हैं। इस आयोजन का 10वां संस्करण अगले वर्ष इटली में आयोजित किया जाएगा। 

Advertisements
Advertisement3
Advertisement

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture

Advertisements
Advertisement5
Advertisement