राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

गोबर और जैविक कचरे से होगी कमाई

13 अगस्त 2026, नई दिल्ली: गोबर और जैविक कचरे से होगी कमाई – किसानों, ग्रामीण उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों के लिए गोबर और जैविक कचरा अब अतिरिक्त आय का जरिया बन सकता है। केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में 23,731 करोड़ रुपए की लागत वाली ‘गोबरधन’ योजना को मंजूरी दी है। योजना के तहत गोबर, फसल अवशेष और अन्य जैविक कचरे का उपयोग कर कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) तैयार की जाएगी। इससे एक ओर ग्रामीण क्षेत्रों में आय के नए अवसर पैदा होंगे, वहीं दूसरी ओर कचरा प्रबंधन और प्रदूषण की समस्या से निपटने में मदद मिलेगी।

देश में हर साल बड़ी मात्रा में फसल कटाई के बाद पराली, पशुओं का गोबर और शहरों से निकलने वाला जैविक कचरा अनुपयोगी रह जाता है। कई स्थानों पर फसल अवशेषों को जला दिया जाता है, जिससे वायु प्रदूषण की समस्या बढ़ती है। गोबरधन योजना के तहत इन्हीं जैविक संसाधनों को उपयोगी बनाकर स्वच्छ ऊर्जा में बदला जाएगा।

CBG उत्पादन से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार

योजना के माध्यम से गांवों में गोबर और जैविक कचरे के संग्रहण, प्रसंस्करण और CBG उत्पादन से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इससे किसानों के साथ ग्रामीण उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों के लिए भी आय के नए अवसर तैयार हो सकते हैं।

CBG को स्वच्छ ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। साथ ही बायोगैस उत्पादन के बाद बचने वाले जैविक पदार्थ का उपयोग जैविक खाद के रूप में किया जा सकेगा। इससे खेतों में जैविक संसाधनों के पुन: उपयोग को भी बढ़ावा मिलेगा।

गैस की खरीद के लिए बाजार सुनिश्चित

गोबरधन योजना की एक महत्वपूर्ण विशेषता CBG की खरीद के लिए बाजार उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। सरकार ने सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) कंपनियों के लिए CBG खरीद से जुड़े अनिवार्य लक्ष्य निर्धारित किए हैं।

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