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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

155261 डायल करें, खेती का समाधान पाएं: किसानों के लिए AI सेवा ‘भारत-विस्तार’ शुरू: शिवराज सिंह चौहान

17 फरवरी 2026, नई दिल्ली: 155261 डायल करें, खेती का समाधान पाएं: किसानों के लिए AI सेवा ‘भारत-विस्तार’ शुरू: शिवराज सिंह चौहान – देश में कृषि क्षेत्र को डिजिटल और वैज्ञानिक आधार पर सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए केंद्र सरकार ने जयपुर से एआई आधारित किसान सेवा मंच “भारत-विस्तार” के पहले चरण का शुभारंभ किया। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने इस प्लेटफॉर्म को किसानों के लिए “डिजिटल सुरक्षा कवच” बताते हुए कहा कि यह तकनीक किसानों को सीधे, सरल और त्वरित जानकारी उपलब्ध कराने का माध्यम बनेगी।

कार्यक्रम में राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा, केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री श्री भागीरथ चौधरी, राज्य के कृषि मंत्री श्री किशोरी लाल मीणा, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के वैज्ञानिक, विभिन्न कृषि विश्वविद्यालयों के कुलपति तथा देशभर के किसान बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। अनेक ICAR संस्थान और कृषि विज्ञान केंद्र वर्चुअल माध्यम से भी जुड़े।

फोन कॉल पर मिलेगा खेती का समाधान

भारत-विस्तार की सबसे बड़ी विशेषता इसका सरल उपयोग है। किसानों को किसी ऐप या जटिल तकनीक की आवश्यकता नहीं होगी। वे केवल 155261 नंबर डायल कर अपनी भाषा में सवाल पूछ सकते हैं और तुरंत जवाब प्राप्त कर सकते हैं।

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फसल में रोग लगने की स्थिति, बुवाई का सही समय, मौसम पूर्वानुमान, दवा प्रबंधन, विभिन्न मंडियों के भाव या सरकारी योजनाओं की जानकारी—इन सभी विषयों पर यह प्लेटफॉर्म तत्काल मार्गदर्शन देगा। कार्यक्रम के दौरान इसका लाइव प्रदर्शन किया गया, जिसमें एआई प्रणाली ने किसानों के सवालों का संतोषजनक उत्तर दिया।

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कृषि विज्ञान और तकनीक का समन्वय

इस मंच को केवल सूचना सेवा नहीं बल्कि वैज्ञानिक ज्ञान को खेत तक पहुँचाने का माध्यम माना जा रहा है। ICAR संस्थानों, कृषि विश्वविद्यालयों और कृषि विज्ञान केंद्रों की विशेषज्ञता को इस डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है, ताकि अनुसंधान आधारित सलाह सीधे किसानों तक पहुँच सके।

विशेषज्ञों का मानना है कि इससे प्रयोगशालाओं में विकसित तकनीकों और खेतों में उनके उपयोग के बीच की दूरी कम होगी।

11 भारतीय भाषाओं में विस्तार की योजना

शुरुआती चरण में यह सेवा हिंदी और अंग्रेज़ी में उपलब्ध है, लेकिन इसे चरणबद्ध तरीके से 11 भारतीय भाषाओं—जैसे गुजराती, तमिल, बंगला, असमिया और कन्नड़—में विस्तार दिया जाएगा। इसका उद्देश्य देश के हर क्षेत्र के किसान को अपनी भाषा में सलाह उपलब्ध कराना है।

योजनाओं की जानकारी से लेकर शिकायत निवारण तक

भारत-विस्तार को विभिन्न कृषि योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। इसके माध्यम से किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, सॉइल हेल्थ कार्ड, कृषि यंत्रीकरण, सिंचाई योजनाओं, कृषि अवसंरचना कोष और किसान क्रेडिट कार्ड जैसी योजनाओं की जानकारी, पात्रता और आवेदन स्थिति जान सकेंगे।

आगे चलकर इसमें किसान की भूमि, मिट्टी और फसल से जुड़ा डिजिटल प्रोफाइल जोड़ने की भी योजना है, जिससे सलाह और अधिक सटीक हो सके।

डिजिटल कृषि की दिशा में बड़ा कदम

सरकार का मानना है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित यह प्रणाली किसानों को समय पर निर्णय लेने में मदद करेगी, उत्पादन लागत कम करने, जोखिम घटाने और बाजार से बेहतर जुड़ाव बनाने में सहायक होगी। यह पहल पारंपरिक कृषि विस्तार सेवाओं को प्रतिस्थापित नहीं बल्कि उन्हें मजबूत करने का काम करेगी।

भारत-विस्तार के माध्यम से सरकार कृषि क्षेत्र में तकनीक के उपयोग को व्यापक स्तर पर ले जाने की दिशा में आगे बढ़ रही है, ताकि छोटे और सीमांत किसान भी आधुनिक ज्ञान और सेवाओं से सीधे जुड़ सकें।

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