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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

हिन्दी पत्रकारिता द्विशताब्दी पर जारी हुआ स्मारक डाक टिकट 

31 मई 2026, नई दिल्ली: हिन्दी पत्रकारिता द्विशताब्दी पर जारी हुआ स्मारक डाक टिकट – हिन्दी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूरे होने पर भारत सरकार ने हिन्दी के पहले समाचार पत्र ‘उदन्त मार्त्तण्ड’ और उसके सम्पादक युगल किशोर शुक्ल के सम्मान में एक स्मृति डाक टिकट और प्रथम दिवस आवरण जारी किया। संस्कृति मंत्रालय के स्वायत्त संस्थान इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय कला केन्द्र (आईजीएनसीए) तथा माधवराव सप्रे स्मृति समाचारपत्र संग्रहालय एवं शोध संस्थान, भोपाल के संयुक्त तत्वावधान में यहां आईजीएनसीए सभागार में आयोजित कार्यक्रम में ‘हिन्दी पत्रकारिता के 200 साल की महागाथा’ ग्रंथ का विमोचन भी किया गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने शुभकामना संदेश भेजा, जिसे आईजीएनसीए के अध्यक्ष ‘पद्म भूषण’ रामबहादुर राय ने पढ़कर सुनाया। श्री राय आयोजन की अध्यक्षता कर रहे थे।

अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा, “वर्ष 1826 में ‘उदन्त मार्त्तणड’ के प्रकाशन के साथ आरम्भ हुई हिन्दी पत्रकारिता की द्विशताब्दी की यात्रा का यह अहम पड़ाव भारत की चेतना, विचार और जनजागरण का उत्सव है।” इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, यह अतिश्योक्ति नहीं होगी, अगर हम कहें कि पत्रकारिता के इतिहास की गाथा भारत के इतिहास की भी गाथा है। आज का आयोजन भारत की वैचारिक चेतना का उत्सव है। उन्होंने कहा, पत्रकारिता कोई पेशा नहीं है, यह राष्ट्र चेतना का आंदोलन है। श्री सिंधिया ने पत्रकारिता में अपने पूर्वजों के योगदान का भी स्मरण किया। उन्होंने कहा, ज़माना बदल जाए, तकनीक बदल जाए, मंच बदल जाए, लेकिन पत्रकारिता का धर्म नहीं बदलना चाहिए। आयोजन में ‘हिन्दी पत्रकारिता : 200 साल की महागाथा’ का विमोचन भी हुआ।

‘पद्म श्री’ विजयदत्त श्रीधर और डॉ. सच्चिदानंद जोशी द्वारा संपादित यह ग्रंथ हिन्दी पत्रकारिता की दो शताब्दियों की व्यापक यात्रा का दस्तावेज है। इस पुस्तक में हिन्दी पत्रकारिता के 30 दिग्गजों के लेख शामिल हैं, जो हिन्दी पत्रकारिता के विविध पक्षों के उद्भव, विकास और वर्तमान स्थिति के बारे में बताते हैं। इसके साथ ही, कार्यक्रम के दौरान डॉ. श्रीकांत सिंह की पुस्तक ‘हिन्दी पत्रकारिता के हिन्दीतर उन्नायक’ का भी लोकार्पण किया गया। इस पुस्तक में गैर-हिन्दीभाषी क्षेत्रों के पत्रकारों के हिन्दी पत्रकारिता में योगदान के बारे में बताया गया है।

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कार्यक्रम का एक अन्य प्रमुख आकर्षण हिन्दी पत्रकारिता के दो सौ वर्षों की यात्रा को चित्रित करने वाली विशेष प्रदर्शनी रही। प्रदर्शनी में हिन्दी के अग्रणी समाचारपत्रों, पत्रिकाओं तथा युगनिर्माता संपादकों के दुर्लभ चित्र और ऐतिहासिक दस्तावेज प्रदर्शित किए गए। आगंतुकों ने ‘उदन्त मार्तण्ड’ से लेकर समकालीन पत्रकारिता तक की विकास-यात्रा को एक ही स्थल पर देखने का अवसर प्राप्त किया। प्रदर्शनी ने पत्रकारिता के इतिहास में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों, शोधार्थियों और पत्रकारों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। अध्यक्षीय उद्बोधन में श्री रामबहादुर राय ने कहा, लोकतंत्र है, तो पत्रकारिता है। अकेले पत्रकारिता नहीं हो सकती। उन्होंने सवाल उठाया कि जो भी ऊटपटांग बातें सोशल मीडिया पर चलाई जाती हैं, क्या वो ख़बर है? इसका उत्तर देते हुए उन्होंने कहा, सोशल मीडिया पर जो भी लिखा जा रहा है, वह सब ख़बर नहीं है। कार्यक्रम की प्रस्तावना प्रस्तुत करते हुए श्री विजयदत्त श्रीधर ने कहा, हिन्दी पत्रकारिता की 200 वर्ष की य़ात्रा प्रतिरोध की यात्रा है। स्वागत वक्तव्य में डॉ. सच्चिदानंद जोशी ने कहा, पत्रकारिता के सामने कई चुनौतियां हैं। भाषाई पत्रकारिता के सामने और ज़्यादा चुनौतियां हैं।

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भारत की हिन्दी पत्रकारिता के 200 साल भारत की अस्मिता की रक्षा, सांस्कृतिक चेतना का इतिहास है। आशीष वक्तव्य में माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति श्री अच्युतानंद मिश्र ने दद्दा माखनलाल चतुर्वेदी और गणेश शंकर विद्यार्थी को याद करते हुए कहा, उस समय पत्रकारिता में ऐसे-ऐसे लोग थे जिन्होंने देश को सबसे आगे रखा और अपना सर्वस्व अर्पण कर दिया। आईजीएनसीए के सदस्य सचिव, शिक्षाविद्, साहित्यकार डॉ. सच्चिदानंद जोशी ने आयोजन का प्रस्ताव वक्तव्य दिया। कार्यक्रम के दौरान, आईजीएनसीए के मीडिया केंद्र द्वारा हिन्दी पत्रकारिता के 200 वर्षों की यात्रा पर आधारित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। साथ ही, भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी) की कुलपति डॉ. प्रज्ञा पालीवाल तथा प्रो. प्रमोद कुमार ने मंच पर उपस्थित अतिथियों को ‘संचार माध्यम’ पत्रिका का ‘हिन्दी पत्रकारिता : 200 वर्ष’ विशेषांक भेंट किया। आईजीएनसीए की ओर से अतिथियों को स्मृति-चिह्न तथा सप्रे संग्रहालय की ओर से स्मृति-स्वरूप विशेष कलम भेंट की गई। अंत में, आईजीएनसीए के मीडिया सेंटर के प्रमुख श्री अनुराग पुनेठा ने धन्यवाद ज्ञापन किया, जबकि मंच संचालन प्रसिद्ध न्यूज़ एंकर सुश्री प्रीति सिंह ने किया।


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