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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

ब्रिक्स कृषि बैठक: भारत ने छोटे किसानों और सतत खेती पर दिया जोर

21 अप्रैल 2025, नई दिल्ली: ब्रिक्स कृषि बैठक: भारत ने छोटे किसानों और सतत खेती पर दिया जोर – ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्रियों की 15वीं बैठक में भारत ने समावेशी और सतत कृषि को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। बैठक में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने छोटे और सीमांत किसानों के कल्याण को वैश्विक कृषि रणनीति का केंद्र बनाने की वकालत की। उन्होंने कहा, “कृषि भारत के लिए केवल एक आर्थिक गतिविधि नहीं, बल्कि करोड़ों परिवारों के लिए आजीविका, भोजन और गरिमा का स्रोत है।”

छोटे किसानों की चुनौतियां और नीतिगत सहायता

चौहान ने वैश्विक खाद्य प्रणाली में छोटे किसानों की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि दुनिया के 51 करोड़ छोटे किसान खाद्य सुरक्षा की रीढ़ हैं, लेकिन जलवायु परिवर्तन, मूल्य अस्थिरता और संसाधनों की कमी उन्हें सबसे अधिक प्रभावित करती है। “हम छोटे किसानों को इन चुनौतियों से लड़ने में अकेला नहीं छोड़ सकते, उन्हें हमारी नीतिगत सहायता की आवश्यकता है,” उन्होंने जोर देकर कहा।

उन्होंने क्लस्टर आधारित खेती, किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ), सहकारी मॉडल और प्राकृतिक खेती को छोटे किसानों के सशक्तिकरण और बाजार तक पहुंच बढ़ाने के लिए प्रभावी उपाय बताया। साथ ही, उन्होंने सार्वजनिक खाद्य भंडारण, न्यूनतम समर्थन मूल्य और छोटे किसानों को मूल्य श्रृंखलाओं से जोड़ने की जरूरत पर बल दिया।

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बैठक में भारत ने अपनी तकनीकी पहलों को साझा किया, जिसमें डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन, एग्री-स्टैक, ड्रोन तकनीक और जलवायु अनुकूल गांव शामिल हैं। चौहान ने बताया कि इन नवाचारों ने योजनाओं की पहुंच और पारदर्शिता बढ़ाई है, जिससे किसानों की आय में सुधार हुआ है।

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उन्होंने ‘लखपति दीदी’ और ‘ड्रोन दीदी’ जैसी योजनाओं का जिक्र करते हुए ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर दिया। “भारत के लिए महिलाओं का सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक सशक्तिकरण एक मिशन है,” उन्होंने कहा।

ब्रिक्स लैंड रिस्टोरेशन साझेदारी की शुरुआत

बैठक में भूमि क्षरण और मरुस्थलीकरण से निपटने के लिए ‘ब्रिक्स लैंड रिस्टोरेशन पार्टनरशिप’ की शुरुआत की गई। चौहान ने इस पहल का समर्थन करते हुए कहा कि यह पारंपरिक ज्ञान और वैज्ञानिक नवाचारों के मेल से छोटे किसानों, आदिवासी समुदायों और स्थानीय कृषकों को लाभ पहुंचाएगी।

इसके अलावा, ब्रिक्स देशों ने खाद्य सुरक्षा, जलवायु अनुकूलन, डिजिटल कृषि और वैश्विक दक्षिण की अर्थव्यवस्थाओं के लिए वित्तीय तंत्र को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।

चौहान ने ब्रिक्स देशों को ‘वर्ल्ड फूड इंडिया 2025’ और ‘वर्ल्ड ऑडियो-विजुअल एंटरटेनमेंट समिट 2025’ में भाग लेने का निमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि ये मंच नवाचार और वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देंगे।

भारत का दृष्टिकोण

अपने संबोधन के अंत में चौहान ने वैदिक मूल्यों का उल्लेख करते हुए कहा, “सभी लोग सुखी हों, सभी लोग निरोगी हों। सभी का मंगल हो, सभी का कल्याण हो।” यह बयान भारत की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के साथ-साथ वैश्विक मंच पर उसकी भूमिका को रेखांकित करता है।

ब्रिक्स बैठक में भारत ने छोटे किसानों, सतत खेती और वैश्विक सहयोग पर अपने रुख को स्पष्ट करते हुए एक संतुलित और समावेशी कृषि नीति की दिशा में कदम बढ़ाया है।

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