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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

बिल गेट्स और शिवराज सिंह की बैठक: क्या कृषि और ग्रामीण विकास में आएगा नया बदलाव?

18 मार्च 2025, नई दिल्ली: बिल गेट्स और शिवराज सिंह की बैठक: क्या कृषि और ग्रामीण विकास में आएगा नया बदलाव? –  केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान और गेट्स फाउंडेशन के संस्थापक बिल गेट्स की सोमवार को नई दिल्ली में एक अहम बैठक हुई। कृषि भवन में आयोजित इस चर्चा में दोनों ने कृषि, ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण और तकनीकी नवाचार जैसे मुद्दों पर गहन बातचीत की। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब भारत और वैश्विक संगठन मिलकर गरीबी, भूख और जलवायु संकट से निपटने की कोशिशों में जुटे हैं।

शिवराज सिंह चौहान ने बैठक के बाद बताया कि डिजिटल कृषि, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), बायोटेक्नोलॉजी और जलवायु अनुकूल तकनीकों पर विचार-विमर्श हुआ। उन्होंने कहा, “भारत, गेट्स फाउंडेशन और अन्य वैश्विक साझेदारों के साथ मिलकर दुनिया के सबसे गरीब और पिछड़े क्षेत्रों की मदद के लिए प्रतिबद्ध है।” वहीं, बिल गेट्स ने भारत में हो रहे कृषि अनुसंधान की तारीफ करते हुए कहा, “यहां का काम बेहतरीन है और इससे पूरी दुनिया को फायदा हो सकता है।”

तकनीक और साझेदारी पर जोर

चर्चा में डिजिटल कृषि और तकनीकी सहयोग बड़ा मुद्दा रहा। शिवराज सिंह ने गेट्स फाउंडेशन के साथ साझेदारी को और मजबूत करने की बात कही, खासकर AI और बायोटेक्नोलॉजी के क्षेत्र में। उन्होंने यह भी कहा कि भारत अपनी “बेस्ट प्रैक्टिसेस” को दुनिया के साथ साझा करने को तैयार है। गेट्स ने इस दौरान भारत की ओर से डिजिटल एग्रीकल्चर और क्रेडिट सिस्टम में तकनीक के इस्तेमाल की सराहना की।

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शिवराज सिंह ने आजीविका मिशन का जिक्र करते हुए कहा, “यह महिला सशक्तिकरण का आंदोलन बन गया है, जिसने महिलाओं की जिंदगी बदली है। सरकार का संकल्प है कि महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाया जाए।” यह योजना ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रही है।

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भारत की कृषि ताकत और चुनौतियां

बैठक में भारत की कृषि क्षमताओं पर भी बात हुई। भारत दुनिया का सबसे बड़ा बाजरा, मसाले और दूध उत्पादक है, जबकि चावल और गेहूं में दूसरा स्थान रखता है। हालांकि, वैश्विक कृषि भूमि और स्वच्छ जल संसाधनों का सिर्फ 4% होने के बावजूद 18% मानव आबादी को खिलाने की जिम्मेदारी भारत के सामने है। इस चुनौती से निपटने के लिए जलवायु-स्मार्ट तकनीक और प्राकृतिक खेती पर जोर दिया जा रहा है।

यह बैठक भारत और गेट्स फाउंडेशन के बीच सहयोग को नई दिशा दे सकती है। दोनों पक्षों ने भूखमुक्त और सशक्त दुनिया बनाने के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई। बैठक में केंद्रीय कृषि सचिव देवेश चतुर्वेदी, ग्रामीण विकास सचिव शैलेष सिंह और गेट्स फाउंडेशन के प्रतिनिधि हरी मेनन व अल्केश आडवाणी भी मौजूद थे।

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