अमेरिका निर्यात से असम के किसानों को शहद पर 43% अधिक मूल्य प्राप्ति
13 मई 2026, नई दिल्ली: अमेरिका निर्यात से असम के किसानों को शहद पर 43% अधिक मूल्य प्राप्ति – भारत के कृषि निर्यात क्षेत्र को बढ़ावा देते हुए असम के आकांक्षी जिले बक्सा से वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) शहद की पहली खेप अमेरिका के लिए रवाना की गई। 20 मीट्रिक टन शहद के इस निर्यात को कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) ने सुविधा प्रदान की, जबकि निर्यात असम स्थित कंपनी M/s Salt Range Foods Pvt. Ltd. द्वारा किया गया।
इस पहल से स्थानीय मधुमक्खी पालकों और किसानों को मौजूदा फार्म गेट कीमतों की तुलना में लगभग 43 प्रतिशत अधिक मूल्य प्राप्त होने की संभावना है। इसे आकांक्षी जिलों के किसानों को वैश्विक कृषि मूल्य श्रृंखला से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
बक्सा बना असम का प्रमुख शहद निर्यात केंद्र
बक्सा जिला, जो असम के बोडोलैंड टेरिटोरियल रीजन (BTR) में स्थित है, को सरकार की ODOP योजना के तहत शहद उत्पादन के लिए चिन्हित किया गया है। बक्सा के अलावा कोकराझार, चिरांग, उदलगुरी और तामुलपुर जिले भी राज्य के प्रमुख शहद उत्पादक क्षेत्रों में शामिल हैं।
राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड के अनुसार, वित्त वर्ष 2023-24 में असम ने लगभग 1,650 मीट्रिक टन शहद का उत्पादन किया। राज्य की जैव विविधता, वन संसाधन और पारंपरिक मधुमक्खी पालन पद्धतियों ने शहद उत्पादन को मजबूत आधार प्रदान किया है। करबी, मिशिंग और बोडो जैसी जनजातियों में सदियों से शहद का उपयोग खाद्य, औषधीय और सांस्कृतिक उद्देश्यों के लिए किया जाता रहा है।
बक्सा क्षेत्र का शहद प्राकृतिक और कम रासायनिक हस्तक्षेप वाले वातावरण में उत्पादित होने के कारण गुणवत्ता के लिए जाना जाता है। इसकी पुष्प विविधता और पोषण मूल्य को भी बाजार में विशेष पहचान मिली है।
APEDA ने गुणवत्ता और निर्यात अवसंरचना को दिया समर्थन
APEDA ने इस निर्यात पहल के तहत प्रसंस्करण इकाई में परीक्षण एवं प्रयोगशाला उपकरण उपलब्ध कराने सहित गुणवत्ता अवसंरचना को मजबूत करने में सहयोग किया। इसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों का पालन सुनिश्चित करना था।
प्राधिकरण के अनुसार, यह पहल ODOP कार्यक्रम के तहत जिला-विशिष्ट उत्पादों को वैश्विक बाजारों से जोड़ने की रणनीति का हिस्सा है। इसका उद्देश्य मूल्य संवर्धन, रोजगार सृजन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देना है।
पूर्वोत्तर भारत के कृषि निर्यात को मिल रही नई दिशा
बक्सा से शहद का यह निर्यात पूर्वोत्तर भारत की बढ़ती कृषि निर्यात क्षमता को भी दर्शाता है। कृषि क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि गुणवत्ता अवसंरचना और निर्यात आपूर्ति श्रृंखला के विकास से क्षेत्र के विशेष कृषि उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अधिक अवसर मिल सकते हैं।
APEDA ने कहा कि वह किसान-आधारित निर्यात को बढ़ावा देने, गुणवत्ता अवसंरचना को मजबूत करने और ODOP जैसी पहलों के माध्यम से भारत को उच्च गुणवत्ता वाले कृषि उत्पादों का विश्वसनीय आपूर्तिकर्ता बनाने के लिए आगे भी सहयोग जारी रखेगा।
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